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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:मजबूत इरादों ने थामी स्टेयरिंग, अब खुद अपनी राह बना रही हैं चम्पावत की महिलाएँ

Laxman Singh Bisht

Sat, Apr 25, 2026

मजबूत इरादों ने थामी स्टेयरिंग, अब खुद अपनी राह बना रही हैं चम्पावत की महिलाएँ

सिर्फ सफर नहीं सम्मान की सवारी पिंक ई-रिक्शा बनी महिला सशक्तिकरण की पहचान

जनपद चम्पावत के नायकगोठ क्षेत्र की महिलाएँ, जिनका जीवन कभी घरेलू कार्यों, पशुपालन और खेतिहर मजदूरी तक सीमित था, आज आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल बनकर उभरी हैं।सीमित आय, अनिश्चित रोजगार और सामाजिक बंधनों के बीच इन महिलाओं के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं था, लेकिन दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयासों ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।इसी परिवर्तन की शुरुआत हुई जब क्षेत्र की 10 महिलाओं ने एकजुट होकर ‘प्रेरणा स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। श्रीमती रामबेटी के नेतृत्व में समूह ने पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़कर कुछ नया करने का संकल्प लिया। इसी दौरान उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति (UGVS) द्वारा संचालित तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास निधि (IFAD) से वित्त पोषित ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ ने इन महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।

परियोजना के मार्गदर्शन और सहयोग से समूह ने ‘पिंक ई-रिक्शा’ सेवा शुरू करने का अभिनव विचार प्रस्तुत किया, जिसे न केवल स्वीकृति मिली बल्कि तकनीकी और आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हुआ। इस योजना के तहत 10 लाख रुपये की परियोजना तैयार की गई, जिसमें 60 प्रतिशत (6 लाख रुपये) अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए गए, जबकि शेष राशि बैंक ऋण और समूह के अंशदान से जुटाई गई।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं इन महिला उद्यमियों को ई-रिक्शा की चाबियाँ सौंपकर उनका उत्साहवर्धन किया।आज टनकपुर के मुख्य बाजार, बैराज क्षेत्र और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थानों पर दौड़ते ये पिंक ई-रिक्शा केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के सशक्त प्रतीक बन चुके हैं। सुरक्षित, सौम्य और भरोसेमंद सेवा के चलते इन महिलाओं ने अल्प समय में ही स्थानीय नागरिकों का विश्वास जीत लिया है।

महज छह महीनों के भीतर इस पहल ने सामाजिक और आर्थिक स्तर पर उल्लेखनीय बदलाव लाए हैं। समूह की प्रत्येक महिला सदस्य आज लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह की नियमित आय अर्जित कर रही है। इससे न केवल उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे बैंक ऋण की किश्तें भी समय पर चुका रही हैं।

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