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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : टनकपुर:उत्तराखंड की संस्कृति में रमे कैलाश मानसरोवर यात्री। मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद।

Laxman Singh Bisht

Fri, Jul 4, 2025

भक्ति, लोकसंस्कृति और स्वागत से गदगद हुए श्रद्धालुपर्यटन आवास गृह टनकपुर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आए प्रथम दल के श्रद्धालु उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं में पूरी तरह से रच-बस गए। उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की अनुपम छटा और भक्ति-भाव से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने सभी यात्रियों को अभिभूत कर दिया।श्रद्धालुओं ने माँ नंदा-सुनंदा की कैलाश यात्रा का सुंदर सांस्कृतिक मंचन देखा, जिसमें उत्तराखंडी लोकगाथाओं की झलक मिली। काली मैया के रौद्र रूप का दर्शन और भगवान शंकर की आराधना ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में "हर हर महादेव" के जयकारे लगाए और उत्तराखंडी धुनों पर "जय हो कुमाऊं, जय हो गढ़वाल" कहते हुए थिरक उठे।गंगनाथ की जागर और हुड़किया बोलों ने सांस्कृतिक रंग में और गहराई ला दी। मुंबई से आई यात्री निवेदिता द्वारा शिव भक्ति पर दी गई भावपूर्ण प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे और उत्तराखंड की संस्कृति के इस जीवंत स्वरूप को नमन किया।श्रद्धालुओं ने इस भव्य आयोजन और आत्मीय स्वागत के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि "देवभूमि उत्तराखंड की हवा में ही श्रद्धा और भक्ति समाई है, यहाँ की संस्कृति में अलौकिक आकर्षण है।"

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