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चंपावत:सच दिखाना पड़ा भारी!” गैस संकट की खबर पर भाजपा नेता की तहरीर पर पत्रकार पर मुकदमा,

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रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:सच दिखाना पड़ा भारी!” गैस संकट की खबर पर भाजपा नेता की तहरीर पर पत्रकार पर मुकदमा,

Laxman Singh Bisht

Sat, Mar 28, 2026

“सच दिखाना पड़ा भारी!” गैस संकट की खबर पर भाजपा नेता की तहरीर पर पत्रकार पर मुकदमा,

सत्ता पर उठे तीखे सवाल।चकरपुर में गैस किल्लत उजागर करने पर केस दर्ज, बिना जांच कार्रवाई से पत्रकारों में आक्रोश मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग।

चंपावत जिला पत्रकार संगठन ने जताया विरोध। भाजपा नेता का फूकेंगे पुतला

खटीमा में जनसरोकार से जुड़ी खबर दिखाना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। ताजा मामला चकरपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां गैस की किल्लत पर जमीनी हकीकत दिखाना एक वरिष्ठ पत्रकार को भारी पड़ गया। पुलिस ने धारा 353(1)(बी) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिससे पूरे पत्रकार जगत में रोष फैल गया है।बताया जा रहा है कि वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा ने बुधवार को चकरपुर में एलपीजी गैस की कमी और उपभोक्ताओं की लंबी कतारों की ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई थी। सुबह से ही गैस के लिए परेशान लोग लाइन में खड़े थे, जिसकी वास्तविक स्थिति सामने लाई गई। खबर से नाराज चकरपुर के भाजपा मंडल महामंत्री कमलदीप सिंह राणा ने पत्रकार दीपक की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट को झूठी बतलाते हुए खटीमा थाने में तहरीर दी तहरीर में कहा गया है गैस की कोई किल्लत नहीं है पत्रकार दीपक के द्वारा भाजपा सरकार की छवि करने का प्रयास किया गया है।

जिसके बाद पुलिस ने बिना प्रारंभिक जांच के ही मुकदमा दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के इस तरह की कार्रवाई न सिर्फ न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता पर भी सीधा प्रहार है।वहीं एसएसपी उधम सिंह नगर अजय गणपति ने मामले में मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। दूसरी ओर पत्रकार दीपक फुलेरा ने साफ कहा कि वे जनहित की खबरों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है, “अगर सच दिखाना जुर्म है, तो यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। फर्जी मुकदमों से डरकर कलम नहीं रुकेगी।”

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब बड़ा सवाल सत्ता और व्यवस्था पर खड़ा हो गया है। सत्ता धारियों को अगर सच नहीं पच रहा है और इसी तरह सच्चाई को दबाने का सिलसिला जारी रहा, तो सबसे बड़ा नुकसान आम आदमी और गरीब जनता को ही होगा। जनसरोकार से जुड़ी समस्याएं सामने ही नहीं आएंगी, तो उनका समाधान कैसे होगा यह एक बड़ा सवाल बनता जा रहा है। पत्रकार ही वह कड़ी हैं जो जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। अगर उन पर ही दबाव बनाया जाएगा या कार्रवाई की जाएगी, तो फिर लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होगी। चंपावत जिला पत्रकार संगठन ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री व डीजीपी उत्तराखंड से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में जनहित की खबरों को दबाने की कोशिश न हो।

चंपावत जिला पत्रकार संगठन ने तत्काल पत्रकार दीपक फुलेरा पर किए गए झूठे मुकदमे को वापस लेने की मांग की है। कहा संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा। पत्रकारों ने कहा अगर खबर झूठी है तो सड़कों पर गैस के लिए इतनी लंबी लंबी लाइन क्यों लग रही है। कहा पुलिस सत्ता के दबाव में आकर पत्रकारों का उत्पीड़न कर रही है। जिसका चंपावत जिला पत्रकार संगठन विरोध करता है। कहा झूठी तहरीर देने के लिए आज जिला पत्रकार संगठन भाजपा नेता का पुतला फुकेगा।

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