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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : पिथौरागढ़:रामगंगा व सरयू नदी में भारी मशीनों से खनन पर हाईकोर्ट की रोक।

Laxman Singh Bisht

Wed, Apr 29, 2026

रामगंगा व सरयू नदी में भारी मशीनों से खनन पर हाईकोर्ट की रोक।

जनहित याचिका पर की गई सुनवाई डीएम पिथौरागढ़ को मशीनों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश।

नैनीताल हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ जिले के राड़ी खूंटी निवासी रोहित मेहरा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पिथौरागढ़ जिले में सरयू और रामगंगा नदी संगम क्षेत्र में मशीनों से खनन पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने डीएम पिथौरागढ़ को निर्देशित करते हुए कहा रामगंगा व सरयू नदी तथा उनके संगम क्षेत्र में खनन क्षेत्र पर पोकलैंड जेसीबी मशीनों के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाई जाए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में हुई। पिथौरागढ़ जिले के राड़ी खूंटी निवासी रोहित महरा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कोर्ट को बताया गया था कि सरयू और रामगंगा नदियों के संगम में खनन पट्टे धारकों के द्वारा पोकलैंड व जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग कर अंधाधुंध खनन कार्य किया जा रहा है। जिस कारण इन ऐतिहासिक नदियों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। हाईकोर्ट ने मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को तत्काल दोनों नदियों में भारी मशीनों से खनन करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

पर्यावरण प्रेमियों ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है। साथ ही अन्य जिलों में भी नदियों में भारी मशीनों के प्रयोग को रोकने की मांग की है। मालूम हो पिथौरागढ़ व चंपावत जिले की नदियों में पट्टा धारी खनन कारोबारियो के द्वारा पोकलैंड व जेसीबी मशीनों से अंधाधुंध खनन कार्य कर नदियों के साथ-साथ पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब नदियों में हो रहे मशीनों से अंधाधुंध खनन पर रोक लगेगी। यह फैसला उन ग्रामीणों के लिए राहत बनकर आया है जो वर्षों से नदियों के किनारे हो रही मशीनी लूट के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मृदुल भट्ट ,राज्यवर्धन चोधरी व प्रणव पाल ने शानदार पैरवी की। तो वही राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पी 0एस 0बिष्ट ने सरकार के पक्ष को रखा।

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