रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : कानीकोट की निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य आशा अधिकारी का नामांकन निरस्त करने की मांग को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर को ज्ञापन
Laxman Singh Bisht
Mon, Jul 14, 2025
कानीकोट की निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य आशा अधिकारी का नामांकन निरस्त करने की मांग को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर को ज्ञापन
हल्द्वानी नगर निगम निर्वाचन सूची में नाम दर्ज होने का लगाया आरोप
चंपावत जिले में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीति गर्माने लगी है। सोमवार को लोहाघाट के पूर्व भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के बेटे प्रिंस फर्त्याल ने चंपावत जिले की कानीकोट जिला पंचायत सीट से निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य श्रीमती आशा अधिकारी पत्नी अमर सिंह अधिकारी का निर्वाचन रद्द करने की मांग को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में प्रिंस फर्त्याल के द्वारा कहा गया आशा अधिकारी पत्नी अमर सिंह अधिकारी कानी कोट जिला पंचायत सीट से सदस्य पद की उम्मीदवार है उक्त उम्मीदवार का नाम नागर स्थानीय निकाय निर्वाचन नामावली 2024 जनपद नैनीताल तहसील हल्द्वानी नगर स्थानीय निकाय नगर निगम हल्द्वानी काठगोदाम के वार्ड क्रमांक 55 मुखानी पंचम मानपुर उत्तर के भाग संख्या 3 मतदान केंद्र का क्रमांक 60 एवं मतदान स्थल का क्रमांक 250 एसकेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल रामपुर रोड हल्द्वानी के कमरा नंबर 3 के मतदाता कक्ष संख्या 2822 में अंकित है। प्रिंस फर्त्याल ने ज्ञापन के माध्यम से कहा माननीय उच्च न्यायालय नैनीतालके द्वारा दिनांक 11/7./2025 के आदेश में उल्लेखित किया गया है कि चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम 2016 की धारा 9 की उप धारा( 6) और उप धारा ( 7 )के प्रावधानों के विरुद्ध प्रतीत होता है. जो इस प्रकार है उप धारा (6 )कोई भी व्यक्ति एक से अधिक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में या एक ही प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में एक से अधिक बार पंजीकृत होने का हकदार नहीं होगा उप धारा (7 )कोई भी व्यक्ति किसी प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में पंजीकृत होने का हकदार नहीं होगा यदि उसका नाम किसी नगर निगम, नगर पालिका ,नगर पंचायत या छावनी से संबंधित किसी निर्वाचक नामावली में दर्ज है जब तक कि वह यह नहीं दर्शाता है कि उसका नाम ऐसे निर्वाचक नामावली से काट दिया गयाहै। प्रिंस फर्त्याल ने रिटर्निंग ऑफिसर से मांग की है कि श्रीमती आशा अधिकारी पत्नी अमर सिंह अधिकारी का नामांकन निरस्त किया जाए। अब देखना है मामले में रिटर्निंग ऑफिसर क्या निर्णय लेते हैं। फिलहाल मामला गर्मा गया है।