रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:बेटी की जान बचाने को बेटी को पीठ में रखकर 8 किलोमीटर पैदल चला मजबूर पिता।
Laxman Singh Bisht
Wed, Jul 2, 2025
मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद 4 साल बाद भी सील गांव नहीं पहुंची सड़क। पूर्व में भी 11 वर्षीय बच्चे की हो चुकी है मौत।
गांव में सड़क शिक्षा चिकित्सा का बड़ा अभाव। मुख्यमंत्री से मदद की गुहार।
मुख्यमंत्री के आदर्श जिला चंपावत के बाराकोट ब्लॉक के दूरस्थ सील गांव के रहने वाले सुरेश सिंह बिष्ट की 13 वर्षीय बेटी निशा की अचानक तबियत बिगड़ गई। गांव में सड़क न होने के कारण मजबूर पिता सुरेश सिंह बिष्ट बेटी की जान बचाने के लिए ग्रामीणों की मदद से बेटी को अपनी पीठ में लाद कर 8 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पर कर सड़क तक लाए। जहां से वाहन के जरिए बीमार बेटी को 15 किलोमीटर दूर लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया जहां निशा का उपचार किया गया ।ग्रामीण सुरेश सिंह बिष्ट, रमेश बिष्ट ,सोनू बिष्ट, दीवान सिंह ने बताया वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा सुतेड़ा सील सड़क निर्माण की घोषणा की गई थी। लेकिन 4 वर्ष भी जाने के बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंची जिस कारण ग्रामीणों को रोज कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है पूर्व में भी अस्पताल ले जाने के दौरान एक 11 वर्ष के बालक की मौत हो चुकी है और एक महिला की जंगल में ही डिलीवरी हो चुकी है। ग्रामीण इसी तरह बीमारो व गर्भवती महिलाओं को डोली व पीठ में लाद कर मुख्य सड़क तक पहुंचाते हैं। ग्रामीणों ने बताया पूर्व में ग्रामीणों ने 2022 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया था जिसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने गांव का दौरा कर सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था लेकिन आश्वासन आज तक पूरा नहीं हुआ ना गांव में सड़क पहुंची। गांव के छात्रों को भी कई किलोमीटर पैदल चल जंगल के रास्ते स्कूल पहुंचना पड़ता है। ग्रामीण राशन व अन्य जरूरी सामान लाने के लिए भी 8 से 10 किलोमीटर पैदल चलते हैं ग्रामीण ने बताया कई बार शासन प्रशासन को संबंधित विभागों से सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। ग्रामीणों ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपनी घोषणा पूरी कर सील गांव को सड़क से जोड़ने की मांग की है ताकि ग्रामीणों का जीवन आसान हो सके। ग्रामीणों ने कहा यह कैसे नियम है कि आज भी उन्हें पैदल दूरी नापनी पड़ रही। गांव में तीनों मूलभूत सुविधा सड़क ,शिक्षा व चिकित्सा का अभाव है।
मामले में लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के अधिशासी अभियंता हितेश कांडपाल का कहना है सुतेड़ा से सील गांव तक लगभग चार किलोमीटर सड़क में वन विभाग के द्वारा आपत्ति लगाई गई थी जिसका निस्तारण कर लिया गया है तथा प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है ।जिसके बाद सड़क निर्माण की कार्रवाई की जाएगी। छात्रा को अस्पताल पहुंचने में युवा सोनू बिष्ट, अनिल सिंह ,सौरभ सिंह, विमला देवी , गीता देवी आदि के द्वारा मदद की गई। अब देखना है कितने और बच्चों की जान बचाने के लिए उनके पिताओं को अपने बच्चों को कंधे में लाद कर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। लोगों ने डीएम चंपावत से उनकी मदद करने की गुहार लगाई है।