रिपोर्ट:जगदीश जोशी 👹👹 : बाराकोट की लिंगड़े वाली दीदी माधवी देवी(मधिदी) का निधन क्षेत्र में शोक की लहर।
Laxman Singh Bisht
Tue, Jul 8, 2025
बाराकोट की लिंगड़े वाली दीदी माधवी देवी(मधिदी) का निधन क्षेत्र में शोक की लहर।
बाराकोट के ग्राम सभा गुमोद निवासी माधवी देवी का लगभग 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। संपूर्ण बाराकोट एवं लोहाघाट क्षेत्र में वह लिंगड़े वाली दीदी के नाम से जानी जाती थी। लड़ीधूरा सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने बताया माधवी देवी(मधिदी) बाराकोट एवं लोहाघाट नगर वासियों को ग्रामीण क्षेत्र में हर सीजन की साग सब्जी, गहत की दाल, मडुवा/मक्के का आटा, लाल चांवल एवं पहाड़ी केले,आंवले के साथ कई प्रकार के घरेलू एवं जंगली फलों को बहुत ही सस्ते दामों में उपलब्ध कराती थी। माधवी देवी(मधिदी) बरसात के समय में ग्रामीण क्षेत्रों में उगने वाले लिंगड़े(फर्न) गांव का प्रसिद्ध काफल, तीमल, यहां तक की मंगाए जाने पर हिसालू, किरमोड़े एवं घिंगारू तक भी उपलब्ध करा दिया करती थी।
वह छोटे बच्चों बुजुर्गों की अनेक प्रकार की जड़ी बूटियां का भी बहुत अच्छा ज्ञान रखती थी। माधवी देवी(मधिदी) का का निधन संपूर्ण क्षेत्र के लिए अपूर्णीय क्षति है, उनका विवाह अत्यंत कम उम्र में रेगड़ू ग्राम सभा के नैनी महर निवासी हयात सिंह से हुआ था, पारिवारिक अनबन के चलते वह कभी भी अपने ससुराल में नहीं रही, 7 जुलाई 2025 को गुमोद में निधन हो जाने के पश्चात माधवी देवी(मधिदी) का अंतिम संस्कार रिकेस्वर घाट में किया गया, जहां उनके सौतेले पुत्रों ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।माधवी देवी(मधिदी) के निधन पर लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने गहरी शोक संवेदना प्रकट की है।