रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : चंपावत:शराब पिलाकर व नोट बाटकर चुनाव जीतने वालो के मनसूबों में पानी फेरेंगे युवा।
Laxman Singh Bisht
Fri, Jul 11, 2025
शराब पिलाकर व नोट बाटकर चुनाव जीतने वालो के मनसूबों में पानी फेरेंगे युवा।
चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी शांत लहर चल रही है,जिसमें प्रत्याशी वोटरों को पटाने के लिए सामाजिक ताना-बाना तोड़ते हुए अपनी जाति, राठ,गोत्र में तक बंटवारा करने लगे हैं। यही नहीं यह चुनाव महिलाओं के लिए तो एक अभिशाप बनकर आते हैं। जब मुफ्त में बटने वाली शराब के शिकंजे में उनके पति व बेटा भी आ जाते है। इतना सब कुछ होने के बावजूद आज की पीढ़ी इन चुनावों को अपने नजरिए से देख रही है। वर्ष 2019 में हुए पंचायती चुनावो की तुलना में इस दफा लोगों को चुनाव की बदलती हुई तासीर व हवा में बहती हुई विकास की महक,युवाओं द्वारा अपने भविष्य को लेकर संजोए सपनो एवं मॉडल जिले में वह सब कुछ हो रहा है, जिसकी लोगों कल्पना तक नहीं की थी। लेकिन आज का युवा परीक्षाओ में पारदर्शिता लाने वाले मुख्यमंत्री के हाथ मजबूत करना चाहते हैं।
चंपावत । अनुज जोशी कहते हैं कि मॉडल जिले का ऐसा विकास हो रहा है जो हमारी कल्पना के बाहर था। यह ऐसा समय है, सही समय है जब हम मुख्यमंत्री का एहसान चुकाने के लिए अपने गांव की अलग पहचान बनाए रखना चाहते हैं।
पारदर्शी परीक्षाओं ने सीएम के प्रति बढ़ाया हमारा विश्वास। 
रोजी परवीन कहती है कि परीक्षाओं को पारदर्शी रूप में संचालित करने के परिणामों ने हमारे भविष्य की उम्मीद में पंख लगते जा रहे हैं। चुनाव के समय में यदि हमने ऐसे हितेशी का एहसान नहीं चुकाया तो वक्त हमें माफ नहीं करेगा।
यह समय है शराब पिलाने व नोट बाटने वालों को सबक सिखाने का।
ज्योतिरादित्य राय कहते हैं कि यह समय लोगों को मुफ्त में शराब बांटने वालों को सबक सिखाने एवं मॉडल जिले की फिजा बदलने के लिए यहां भी ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने की सख्त जरूरत महसूस कर रहे हैं।
काम करने वाला होना चाहिए हमारा नुमाइंदा।
कविता रावत का कहना है कि मुख्यमंत्री जो हमारे जिले की तस्वीर एवं हमारी तकदीर बदलने में लगे हुए हैं, इसके ऐवज में हमने उन्हें दिया ही क्या है? आज समय आ गया है कि हम सीएम से कहें कि "आप आगे बढ़ते जाओ हम आपके पीछे हैं"।