रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : चंपावत:29 जून को उत्तराखंड सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा — चंपावत के तीन केंद्रों पर 807 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
Laxman Singh Bisht
Sat, Jun 28, 2025
29 जून को उत्तराखंड सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा — चंपावत के तीन केंद्रों पर 807 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 के सफल, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष आयोजन हेतु जिला सभागार, चंपावत में अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि उक्त परीक्षा 29 जून 2025 (रविवार) को दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। प्रथम सत्र पूर्वाह्न 10:00 बजे से 12:00 बजे तक एवं द्वितीय सत्र अपराह्न 2:00 बजे से 4:00 बजे तक संचालित होगा।परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जनपद मुख्यालय चंपावत में तीन परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें राजकीय इंटर कॉलेज कनलगांव, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (नियर जिला पंचायत कार्यालय), तथा मल्लिकार्जुन स्कूल (नियर पुलड आवास) शामिल हैं। इन तीनों केंद्रों पर कुल 807 अभ्यर्थी परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे*। परीक्षा की निगरानी तथा व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन हेतु सभी आवश्यक सेक्टर मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति पहले ही कर दी गई है।अपर जिलाधिकारी शर्मा ने निर्देश दिए कि परीक्षा पूर्ण रूप से निष्पक्ष, शांतिपूर्ण तथा नकलविहीन वातावरण में कराई जाए। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों से 200 मीटर की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी, और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी, निरीक्षण अधिकारियों की तैनाती की जाए, ताकि नकल जैसी किसी भी गतिविधि पर समय रहते रोक लगाई जा सके।उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौचालय, शेड जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, केंद्रों के आसपास यातायात नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा गया, जिससे परीक्षार्थी समय पर केंद्र पर पहुँच सकें। परीक्षा ड्यूटी में नियुक्त समस्त कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि परीक्षा से संबंधित प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर बाधा उत्पन्न न हो। अपर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे परीक्षा को गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ सम्पन्न कराएं।