रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : चंपावत: अंतर्राष्ट्रीय महिला काव्य मंच ने ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का किया आयोजन।
Laxman Singh Bisht
Sun, Jul 13, 2025
महिला रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाओं की दी शानदार प्रस्तुति।
13 जुलाई रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला काव्य मंच के द्वारा चंपावत जनपद इकाई की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का जनपद अध्यक्ष सोनिया आर्य की अध्यक्षता मेंआयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी की मुख्य अतिथि महिला काव्य मंच अध्यक्ष (असम)कंचन शर्मा (कौशिक),विशिष्ट अतिथि सोनी यादव महिला काव्य मंच अध्यक्ष ऊधम सिंह नगर रही।कार्यक्रम का शुभारंभ हेमा जोशी द्वारा सरस्वती वंदना से की गई ।रचनाकारों द्वारा बेहतरीन रचना पाठ किया गया। जिसमें कविता भट्ट ने कौन हूँ मैं जानती नहीं, ख़ुद को क्या मैं पहचानती नहीं।अंजलि कार्की ने"अहमियत थी जो रिश्तों की अब मिटती जा रही है।हेमा राय ने जिन्दगी का असली मतलब तब समझ में आया ।दीपा पाण्डे ने धरती माँ पुकार रही वृक्ष हैं मेरे प्राण ।जानकी चतुर्वेदी ने में खड़ा हूं वर्षों से न हिला न डोला।अंजलि विश्वकर्मा ने समय बड़ा ही बलवान है बनाना है आशिया उसमें हिमांशी बोहरा ने पापा थोड़ी हैं वो जादूगर हैं।जो एक मांगो हज़ार दे जाते हैं। कविता जोशी ने मेरी डायरी जिसमें कुछ अल्फ़ाज़ जिन्हें लिखा है बड़े इत्मीनान से। प्रियंका रजवार ने विज्ञान के रथ पर जब मानव बढ़ा गगन की ओर ।नीरजा गहतोड़ी ने सम्पूर्ण सृष्टि के स्वरूप में, मैं निराकार, साकार भी में।बीना जोशी ने हिमालय की तलहटी पर बसा मेरा गाँव।हेमा जोशी ' स्वाति ' ने रिमझिम रिमझिम सावन बरसे ठंडी चले फ़ुहार।बबीता जोशी ने भू,अग्नि जल वायु से परे, तुम मिलोगे क्या?।मुख्य अतिथि कंचन शर्मा ' कोशिक ने सिर्फ़ प्यार नहीं, मुझे थोड़ा सम्मान भी चाहिए।विशिष्ट अतिथि सोनी यादव ने - हां मे नारी हूँ, डरी हुई चिंगारी हूँ की शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष सोनिया आर्या ने काव्य गोष्ठी का समापन अपनी शानदार रचना "हम मानवता बचाना भूल गए हैं"द्वारा किया गया। मंच संचालन बबीता जोशी का रहा। काव्य गोष्ठी में शामिल महिला रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाओं की प्रस्तुति दी।