रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास, एक लाख का जुर्माना जिला सत्र न्यायाधीश का फैसला
Laxman Singh Bisht
Sat, Aug 8, 2026
दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास, एक लाख का जुर्माना
चंपावत। सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने किराए के मकान में अकेली महिला से जबरदस्ती दुष्कर्म करने के दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 अगस्त 2025 को टनकपुर क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने कोतवाली में तहरीर देकर मामले की जानकारी दी थी। तहरीर में बताया गया कि 17 अगस्त की रात करीब साढ़े 10 बजे उसकी पुत्री अपने किराए के मकान में अकेली थी। इसी दौरान वार्ड नंबर एक शारदा घाट निवासी करन कश्यप ने उसे अकेला पाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता की हालत बिगड़ गई और रक्तस्राव होने लगा। वह उपचार के लिए टनकपुर के सरकारी अस्पताल पहुंची, जहां से उसने फोन कर अपनी मां को घटना की जानकारी दी। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार किया गया। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने कोतवाली टनकपुर में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।