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रिपोर्ट:जगदीश जोशी : लोहाघाट और बाराकोट में नशीली दवाओं के खिलाफ प्रशासन का एक्शन, दो मेडिकल स्टोर सील

Laxman Singh Bisht

Tue, Feb 10, 2026

लोहाघाट और बाराकोट में नशीली दवाओं के खिलाफ प्रशासन का एक्शन, दो मेडिकल स्टोर सीलजिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को जनपद चंपावत के लोहाघाट एवं बाराकोट क्षेत्रों में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार और अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। उपजिलाधिकारी नीतू डांगर एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ देवेश चौहान के नेतृत्व में औषधि नियंत्रण विभाग, तहसील प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न मेडिकल प्रतिष्ठानों, जनऔषधि केंद्रों तथा क्लीनिकों पर औचक निरीक्षण की कार्यवाही की। अभियान के दौरान क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जहाँ 07 मेडिकल स्टोर खुले पाए गए, वहीं 03 मेडिकल स्टोर स्वामी टीम को देखकर मौके से दुकानें बंद कर फरार हो गए।निरीक्षण के दौरान दो प्रतिष्ठानों में बेहद गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर संयुक्त टीम ने तत्काल कार्यवाही करते हुए तहसील प्रशासन के सहयोग से दोनों मेडिकल स्टोरों को सील कर दिया। साथ ही इन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्त करने की प्रबल संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। टीम द्वारा संबंधित मेडिकल स्टोरों में दवाओं के स्टॉक का सत्यापन किया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि औषधियों का क्रय-विक्रय केवल लाइसेंस की उपलब्धता और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति में ही हो। सभी संचालकों को दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, प्रत्येक बिक्री का विधिवत कैश मेमो जारी करने और उनका पूर्ण रिकॉर्ड नियमानुसार रखने के सख्त निर्देश दिए गए।औषधि निरीक्षक हर्षिता ने बताया कि मनःप्रभावी (Psychotropic) और एंटीबायोटिक दवाएं केवल डॉक्टर के वैध पर्चे के आधार पर ही बेची जाएं। यदि कोई भी संचालक बिना पर्चे के एंटीबायोटिक या नशीली दवाएं बेचता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत कठोर दंडात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने दोहराया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कोडीन युक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाकर युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से सुरक्षित रखना है और जनपद में इस प्रकार की कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।

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