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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट में पहुंचा सीजन का पहला काफल 200 रुपए किलो बिका।

Laxman Singh Bisht

Sat, May 2, 2026

लोहाघाट में पहुंचा सीजन का पहला काफल 200 रुपए किलो बिका।

रोजगार का सशक्त माध्यम पौष्टिकता से भरपूर है काफल।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र के ठंडे इलाकों के जंगलों में होने वाला पौष्टिकता से भरपूर फल काफल ने बाजारों में दस्तक दे दी है। शनिवार को सीजन का पहला काफल लोहाघाट की बाजारों में पहुंचा ।पहले दिन काफल ₹200 प्रति किलो के भाव से बिका। फल विक्रेता गोपाल दत्त पुनेठा ने बताया आज शनिवार को पौष्टिकता से भरपूर जंगली फल काफल लोहाघाट बाजार में पहुंच चुका है जिसे उनके द्वारा ₹200 प्रति किलो के भाव से बेचा गया। उन्होंने बताया काफल रोजगार का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा गांव की महिलाएं जंगलों से काफल तोड़कर बाजारों में लेकर आती हैं ।

महिलाओं से उनके द्वारा काफल खरीदकर उपभोक्ताओं को बेचा जाता है। उन्होंने बताया काफल पौष्टिकता के साथ औषधि गुणों से भरपूर फल है ।उन्होंने बताया क्षेत्र में ओलावृष्टि से इस बार काफल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया गांव की महिलाओं के साथ-साथ फल व्यापारियों को भी काफल अच्छा रोजगार उपलब्ध कराता है। वही काफल के बाजार में आने पर लोगों ने उसे हाथों हाथ लिया और काफल की जमकर खरीदारी की।

अब लगभग 1 महीने तक महिलाएं जंगल से काफल तोड़कर अच्छा रोजगार करेंगी काफल तोड़ने के लिए महिलाओं को काफी मेहनत करनी पड़ती है ।

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