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रिपोर्ट 'लक्ष्मण बिष्ट : टनकपुर-बनबसा बाईपास की मांग को जनप्रतिनिधियों ने बताया न्यायोचित।

Laxman Singh Bisht

Sat, May 23, 2026

टनकपुर-बनबसा बाईपास की मांग को जनप्रतिनिधियों ने बताया न्यायोचित।

सोमवार को तहसील में दर्ज होंगी सामूहिक एवं व्यक्तिगत आपत्तियां

चंपावत जिले में टनकपुर-बनबसा बाईपास बनाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में समिति अध्यक्ष केशव भंडारी की अध्यक्षता एवं महासचिव दीप चंद्र पाठक तथा सावन चंद के संचालन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनएच-09 चौड़ीकरण से प्रभावित परिवारों, व्यापारियों, किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए टनकपुर-बनबसा बाईपास निर्माण की मांग का समर्थन किया तथा कहा कि क्षेत्र की जनता की भावनाओं और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वहीं जिला पंचायत सदस्य सावित्री चंद ने भी अपने विचार रखते हुए बाईपास निर्माण की मांग को उचित बताते हुए कहा कि इस विषय को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बिमला साजवान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि घनी आबादी वाले क्षेत्र से राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण स्थानीय लोगों के हितों के विपरीत है तथा क्षेत्र के विकास, जनसुरक्षा एवं भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए बाईपास ही सबसे उपयुक्त विकल्प है।बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रभावित परिवारों ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान प्रस्तावित चौड़ीकरण से सैकड़ों परिवारों की आजीविका, व्यापारिक प्रतिष्ठान, आवासीय भवन, विद्यालय, धार्मिक स्थल एवं अन्य सार्वजनिक संस्थान प्रभावित होंगे। उपस्थित लोगों ने कहा कि जब देश के अन्य नगरों एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों के बाहर बाईपास निर्माण की व्यवस्था की जाती है, तो टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में भी जनहित को ध्यान में रखते हुए बाईपास का निर्माण किया जाना चाहिए।बैठक में संघर्ष समिति अध्यक्ष केशव भंडारी, उपाध्यक्ष महेश चंद्र, सत्यप्रकाश, अजय देऊपा, महासचिव दीप चंद्र पाठक, सावन चंद, सचिव महेश सिंह देऊपा, भुवन जोशी, भोपाल भट्ट, मीडिया प्रभारी अर्जुन सिंह, सोशल मीडिया प्रभारी गौतम महाराना, भवित भट्ट, जितेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

उपस्थित प्रमुख प्रभावितों एवं समर्थनकर्ताओं में गोपाल चंद्र रजवार,देवेंद्र गुरुंग , प्रेम ज्याला ,रविन्द्र कपड़ी, दिनेश चंद्र, किशोरी लाल, शांति देवी, गिरीश चंद्र, मनोज भट्ट, मनमोहन चंद, हर्ष अग्रवाल, विजय कुमार, कनहैया सिंह, राजेन्द्र सिंह बोरा, ध्रुव उप्रेती, वीरेंद्र चंद, प्रमोद चंद, लीला गौतम, नरेन्द्र सिंह, उमेश चंद्र भट्ट, विक्रम चंद, दिनेश चंद्र पाण्डेय, जी.सी. उपाध्याय, दीपक सिंह, कैलाश गहतोड़ी, पुष्कर सिंह मौर्य, विजय चंद, ठाकुर देवेन्द्र चंद, महेंद्र उपाध्याय, विकास कडाकोटी, शिवम भट्ट, शुभम भुवेरा, नारायण सिंह बिष्ट सहित लगभग 100 से अधिक प्रभावित नागरिकों ने बैठक में प्रतिभाग कर हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से टनकपुर-बनबसा बाईपास निर्माण की मांग का समर्थन किया।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एनएच-09 चौड़ीकरण के संबंध में प्राप्त नोटिस के विरुद्ध प्रभावित नागरिकों की ओर से सामूहिक एवं व्यक्तिगत आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी। इसके लिए आगामी सोमवार को बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार प्रातः 10 बजे तहसील पहुंचकर सक्षम अधिकारी के समक्ष अपनी आपत्तियां प्रस्तुत करेंगे। साथ ही बाईपास निर्माण की मांग को शासन, प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री तथा भारत सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर व्यापक जनआंदोलन चलाने का भी निर्णय लिया गया।

उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में कहा कि जनहित, जनसुरक्षा, व्यापारिक हितों एवं क्षेत्र के सुनियोजित विकास को देखते हुए टनकपुर-बनबसा बाईपास का निर्माण ही सर्वोत्तम एवं स्थायी समाधान है। बैठक में उपस्थित सभी प्रभावितों ने सोमवार को तहसील पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का संकल्प लिया तथा संघर्ष समिति के माध्यम से जनहित की इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

"टनकपुर-बनबसा बचाओ बाईपास बनाओ" के गगनभेदी नारों के साथ बैठक का समापन हुआ।

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