Wednesday 12th of August 2026

ब्रेकिंग

चंपावत:खाद्य सुरक्षा विभाग का निरीक्षण 03 खाद्य पदार्थों के लिए सैंपल एनालॉग पनीर की बिक्री पर सख्त पाबंदी

चम्पावत में पहली बार शुरू हुई ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट अब स्थानीय स्तर पर मिलेंगे रक्त के जरूरी घटक

लोहाघाट:सुई बिसंग आषाढी वायुरथ महोत्सव की तैयारी को लेकर कमेटी ने डीएम से की मुलाकात

चंपावत:कांग्रेस ने भाजपा सरकार व एसएसपी नैनीताल का फूंका पुतला

लोहाघाट विधानसभा में भाजपा से मजबूत दावेदारी करेंगे भेषज संघ संस्थापक अध्यक्ष हरगोविंद बोहरा

सूचना

रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:प्राधिकरण में शामिल किए जाने का पाटन पाटनी में महिलाओं ने किया पुरजोर विरोध

Laxman Singh Bisht

Sun, Jul 26, 2026

प्राधिकरण में शामिल किए जाने का पाटन पाटनी में महिलाओं ने किया पुरजोर विरोध

लोहाघाट। ग्राम पाटन पाटनी में क्षेत्र को प्रस्तावित प्राधिकरण की सीमा में शामिल किए जाने के विरोध में ग्रामीण महिलाओं ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। कनेडा क्षेत्र में बैठक में महिलाओं ने भाग लेते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र को प्राधिकरण के दायरे में लाने का निर्णय स्थानीय जनता की भावनाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है।महिलाओं का कहना था कि वर्षों से ग्रामीण अपने पारंपरिक अधिकारों के तहत खेती-बाड़ी, मकान निर्माण और अन्य आवश्यक कार्य करते आ रहे हैं। यदि गांव को प्राधिकरण के अंतर्गत शामिल किया जाता है तो भविष्य में सामान्य कार्यों के लिए भी विभिन्न प्रकार की अनुमति लेनी पड़ सकती है, जिससे ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और विकास कार्यों में भी बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी और शहरी क्षेत्रों से पूरी तरह अलग हैं। ऐसे में गांवों पर शहरी नियम लागू करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को कोई भी निर्णय लेने से पहले स्थानीय लोगों से व्यापक संवाद करना चाहिए तथा उनकी राय को प्राथमिकता देनी चाहिए।महिलाओं ने कहा कि वे विकास की विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार्य नहीं होगा जिससे ग्रामीणों के अधिकार प्रभावित हों और उनकी आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़े। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ग्राम पाटन पाटनी को प्राधिकरण की सीमा से बाहर रखा जाए और ग्रामीणों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना जाए।बैठक में उपस्थित महिलाओं ने एकमत से निर्णय लिया कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए वे हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेंगी।ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से अपील की कि किसी भी निर्णय से पहले जनभावनाओं का सम्मान किया जाए तथा स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित फैसला लिया जाए, जिससे विकास और ग्रामीण हितों के बीच संतुलन बना रहे।इस अवसर पर बसंती देवी, भुवनेश्वरी पाटनी,रेनू पाटनी,लीला पांडे,ममता जोशी,इन्द्रा पाटनी,पूनम पाटनी,पुष्पा पाटनी,माया पाटनी,आदि लोग मौजूद रहे ।

जरूरी खबरें