Thursday 14th of May 2026

ब्रेकिंग

टनकपुर:एनएच चौड़ीकरण में बाईपास की मांग तेज प्रभावितों ने दी आंदोलन की चेतावनी

लोहाघाट:14 मई को लोहाघाट पहुंचेगी श्री विश्वनाथ मां जगदीशिला डोली ।होगा भव्य स्वागत।

लोहाघाट व चंपावत मे शराब दुकानों पर आबकारी विभाग की छापामारी अनियमितताओं पर चालानी कार्रवाई

पाटी: शादी के 4 दिन बाद जेवर सहित प्रेमी संग फरार हुई नवविवाहित

लोहाघाट:होली विजडम स्कूल का रहा जलवा भुवनेश जोशी ने 93.8 % अंक के साथ विद्यालय किया टॉप।

सूचना

कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : यूपी निर्माण निगम की लापरवाही छात्रों पर भारी 30 किमी0 दूर चंपावत जाकर पढ़ाई करने को मजबूर आईटीआई दिगालीचौड़ के छात्र

Laxman Singh Bisht

Sun, Jul 20, 2025

10 साल से बन रहा आईटीआई भवन अभी तक नहीं किया गया हस्तांतरित छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़।

4 करोड़ का भुगतान कर चुका विभाग करोड़ों खर्च के बाद भी बच्चों को नहीं मिल पा रही तकनीकी शिक्षा।

क्षेत्र वासियों में आक्रोश आंदोलन की दी चेतावनी।

यूपी निर्माण निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं छात्र।सरकार के द्वारा सीमांत क्षेत्र के छात्रों को तकनीकी शिक्षा देने के उद्देश्य से चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत दिगालीचौड़ में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड से आईटीआई की स्थापना की गई थी। वर्ष 2014 में आईटीआई भवन का निर्माण यूपी निर्माण निगम के द्वारा शुरू किया गया ।वर्ष 2014-15 में यूपी निर्माण निगम को एक करोड़ 93 लाख रुपए का भुगतान भी किया गया कार्य भी शुरू हुआ ।लेकिन बीच में धनराशि कम पढ़ने के चलते बरसों भवन निर्माण का कार्य अधर में लटक गया था। जिस पर क्षेत्र वासियों के द्वारा आईटीआई भवन के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए कई बार आंदोलन भी किया गया। जिस पर तत्कालीन सचिव रनजीत सिन्हा ने संज्ञान लेते हुए 2 करोड रुपए की धनराशि भवन निर्माण के लिए जारी की । जिसके बाद वर्ष 2021 में आईटीआई भवन का निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ और भवन बनकर तैयार हो गया लेकिन यूपी निर्माण निगम के द्वारा लगभग 45 लाख रुपए की लागत से बनने वाले लिंक मार्ग का निर्माण अभी तक नहीं किया गया और ना ही भवन विभाग को हस्तांतरित किया गया है। भवन हस्तांतरित होने की आस लगाए विभाग के द्वारा एडमिशन शुरू किए गए और 20 छात्रों का एडमिशन इलेक्ट्रीशियन ट्रेड पर किया गया। लेकिन भवन हस्तांतरित नहीं हुआ। जिसका खामियाजा घर में ही तकनीकी शिक्षा मिलने की आस लगाए 20 छात्रों को भुगतना पड़ रहा है ।उन्हें पढ़ाई करने के लिए 30 किलोमीटर दूर चंपावत आईटीआई की दौड़ लगानी पड़ रही है जिस कारण छात्रो को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी शिक्षा भी प्रभावित हो रही है तथा अभिभावकों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मामले में क्षेत्र में काफी आक्रोश है वर्तमान में संस्थान में एडमिशन शुरू हो चुके हैं लेकिन क्षेत्र के छात्र असमंजस में है। विभाग का कहना है यूपी निर्माण निगम को लगभग चार करोड रुपए की पूरी पेमेंट की जा चुकी है ।वर्ष 2024 में भवन संस्थान को हस्तांतरित होना था पर अभी तक नहीं किया गया सड़क का निर्माण कार्य न होने से संस्थान का सामान भवन तक नहीं पहुंच पा रहा है। संस्थान की प्रधानाचार्य उमा जोशी का कहना है कई बार सड़क निर्माण व भवन हस्तांतरित करने को लेकर यूपी निर्माण निगम के अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।सीमांत क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन चंद्र पांडे व क्षेत्र वासियों ने शासन प्रशासन से बच्चों के भविष्य को देखते हुए आईटीआई भवन को जल्द से जल्द संस्थान को हस्तांतरित कर कक्षाएं संचालित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है अगर जल्द कक्षाएं संचालित नहीं की गई तो क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे कहा यूपी निर्माण निगम की लापरवाही छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। अब देखना है शासन प्रशासन मामले पर क्या संज्ञान लेता है। भवन हस्तांतरित होता है या छात्रों को 30 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ती है।

जरूरी खबरें