रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट के सीमावर्ती क्षेत्रो मे रोडवेज बस चलाने की उठी मांग बुजुर्गों को नहीं मिल पा रहा है सेवा का लाभ।
Laxman Singh Bisht
Fri, Jun 6, 2025
मुख्यमंत्री, विधायक व जिलाधिकारी से सीमांत क्षेत्रों को परिवहन निगम की सेवा से जोड़ने की मांग।
हज़ारों की जनता को नहीं मिल पा रहा है परिवहन निगम की सेवाओं का लाभ।
चंपावत जिले के विकास खंड लोहाघाट के नेपाल सीमा से लगे हुए क्षेत्र लंबे समय से उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवा से महरूम है। जिस कारण क्षेत्रवासी टैक्सियों में अधिक किराए देकर यात्रा करने को मजबूर है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भुवन सिंह बिष्ट ने शासन प्रशासन और परिवहन निगम से नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवा से जोड़ने की मांग की है। बताया सीमांत के मडलक , बगोटी, सल्टा, मजपीपल, जमरसों, लेटी, सुंगरखाल, रोसाल सहित कई गांव नेपाल सीमा से जुड़े हुए हैं।इस क्षेत्र की आबादी लगभग 8 से 10 हजार के आस पास है । यह विकास खंड के लोहाघाट के प्रथम गांव हैं।जहा आज तक रोडवेज बस की सुविधा नहीं मिल पाई है यह क्षेत्र का बड़ा दुर्भाग्य है। उन्होंने कहा टैक्सी में सुंगरखाल से लोहाघाट तक एक व्यक्ति का किराया 200 रूपये एक और का लिया जाता है। पर इस विषय में आज तक किसी ने सोचा तक नहीं। कहा क्षेत्र के बुजुर्गों को उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाई गई उत्तराखंड परिवहन निगम में निशुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र में कई लोग ऐसे हैं जिनका लोहाघाट मे आवश्यक काम पड़ता है पर उन लोगों के पास टैक्सियों को देने के लिए किराया नहीं होता हैं। जिस कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सुंगरखाल से लोहाघाट की दूरी लगभग 35-40 किलोमीटर के आस पास है जिसमें टैक्सियों के द्वारा मनमाना किराया वसूला जाता है।
भुवन बिष्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी , विधायक लोहाघाट, सांसद,व जिलाधिकारी से सीमांत क्षेत्र की जनता की समस्या को देखते हुए। परिवहन निगम की बस चलाने की मांग की है। और क्षेत्र वासियों से भी इस मांग को प्रमुखता से उठाने की अपील की है ।ताकि सीमांत वासियों को भी परिवहन निगम की सस्ती सेवाओं का लाभ मिल सके। मालूम हो पूर्व में लोहाघाट से रोसाल ,लोहाघाट से पंचेश्वर आदि क्षेत्र को परिवहन निगम की बसें चला करती थी पर उन सेवाओं को बंद कर दिया गया है। लोहाघाट के कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं जो आज भी परिवहन निगम की सेवाओं से वंचित है।