रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:बेटे को नौकरी की मांग को लेकर 115 वी बार धरने में बैठे बुजुर्ग चेतराम। आत्मदाह की दी चेतावनी।
Laxman Singh Bisht
Mon, Jun 23, 2025
सीएम से लेकर डीएम तक गुहार लगा चुके हैं बुजुर्ग चेतराम। नहीं मानी गई मांगे।
अपने बेटे को नौकरी व खुद को पेंशन की मांग को लेकर लोहाघाट के गंगनोला निवासी बुजुर्ग चेतराम सोमवार को लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरने में बैठ गए है। चेतराम ने कहा वह अपने बेटे की नौकरी की मांग को लेकर 114 बार धरना दे चुके हैं पर शासन प्रशासन के दौरान उन्हें बार-बार आश्वासन दिया गया लेकिन मांग नहीं मानी गई। जिस कारण आज उन्हें 115 वी बार लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में धरना देना पड़ रहा है। चेतराम ने चेतावनी देते हुए कहा अगर इस बार उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह बिना बताए आत्मदाह कर लेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। कहा इस उम्र में उनके पास अब होने को कुछ नहीं बचा है कहा जब भी क्षेत्र में कोई बड़ा जनप्रतिनिधि आता है पुलिस उन्हें उठाकर थाने ले आती है।कहा इस बार वह आर पार की लड़ाई लड़ेंगे।
बुजुर्ग चेतराम ने बताया उनके पुत्र को 5 साल लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में वार्ड बॉय के पद पर संविदा में नौकरी करने के बाद निकाल दिया गया कहां वह अपनी मां को लेकर जिले के हर अधिकारी की चौखट पर एड़ियां रगड़ चुके हैं। बताया वर्ष 1995 में वह लोहाघाट महाविद्यालय भवन निर्माण के दौरान छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विभाग ने उन्हें पक्की नौकरी व मुआवजा देने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक पूरा नहीं किया। चोट के कारण उनकी किडनी खराब हो गई इलाज में उनके चार से पांच लाख रुपए लगे जिस कारण वह कर्ज के बोझ तले दब गए। कहा उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब है। उन्होंने शासन प्रशासन से उनके बेटे को उप जिला चिकित्सालय में वार्ड बॉय के पद पर नियुक्ति देने की मांग की है।
बताया पूर्व में जिला उद्यान अधिकारी के निर्देश पर उन्होंने अपने बेटे को चौबटिया में माली की ट्रेनिंग करवाई लेकिन उसके बावजूद भी उसे उद्यान विभाग में भी नौकरी नहीं दी गई। अब देखना है इस बार बुजुर्ग चेतराम की मांगे मानी जाती हैं या बुजुर्ग आत्मदाह करते हैं। इससे पूर्व चेतराम जिलाधिकारी कार्यालय चंपावत में धरना दे चुके हैं।
