रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा तस्करी में लिप्त युवक पर बड़ी कार्रवाई, आरोपी को किया गया निरुद्ध
.पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा तस्कर पर बड़ी कार्रवाई, आरोपी को किया गया निरुद्ध
अपराध की आदत बनेगी अब गिरफ्तारी की वजह।”
जीरो टॉलरेंस नीति — अपराधियों पर सख्त मार।

एसपी चंपावत रेखा यादव के द्वारा नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु जनपद में नशे का अवैध व्यापार करने वाले अभ्यस्त अपराधियों के विरुद्ध पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत कार्यवाही करने हेतु समस्त थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। एसपी चंपावत के निर्देश पर अशोक कुमार प्रभारी निरीक्षक थाना लोहाघाट द्वारा नशे के अवैध व्यापार में लिप्त अभिषेक ओली निवासी मीना बाजार, लोहाघाट, जनपद चम्पावत के विरुद्ध पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 के अन्तर्गत निरुद्धि आदेश जारी करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर सचिव गृह उत्तराखण्ड शासन को प्रेषित किया गया था। सचिव गृह उत्तराखण्ड शासन द्वारा* उक्त अधिनियम की धारा 3(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अभिषेक ओली निवासी मीना बाजार, लोहाघाट, जनपद चम्पावत* को तत्काल प्रभाव से निरुद्ध (Detain) करने का आदेश पारित किया गया है। उक्त आदेश के अनुपालन में थाना लोहाघाट द्वारा नशा तस्करी में लिप्त अभिषेक ओली को गिरफ्तार कर जिला कारागार अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड में निरुद्ध किया गया है।

( *PIT NDPS Act क्या है*)
PIT NDPS Act, 1988 (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) एक विशेष कानून है, जिसका उद्देश्य नशीले पदार्थों (Drugs) और मनःप्रभावी पदार्थों (Psychotropic Substances) के अवैध व्यापार को रोकना है।
👉 इस अधिनियम के तहत प्रशासन को यह अधिकार होता है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को, जो बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त पाया गया हो, भविष्य में अपराध रोकने के लिए बिना मुकदमा चलाए भी निरुद्ध (Preventive Detention) कर सके।
📌 *अभिरक्षा में निरुद्धि (Detention) का समय*
प्रारंभिक निरुद्ध अवधि: अधिकतम 3 माह
समीक्षा के उपरांत इसे बढ़ाया जा सकता है
कुल अधिकतम अवधि: 12 माह (1 वर्ष) तक
🎗 *पुलिस की अपील*
चम्पावत पुलिस आमजन से अपील करती है कि नशे के खिलाफ इस मुहिम में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
*चम्पावत पुलिस की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी*।