रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : टनकपुर:एनएच चौड़ीकरण में बाईपास की मांग तेज प्रभावितों ने दी आंदोलन की चेतावनी
Laxman Singh Bisht
Wed, May 13, 2026
एनएच चौड़ीकरण में बाईपास की मांग तेज प्रभावितों ने दी आंदोलन की चेतावनी
होटल लक्ष्य में हुई बैठक गडकरी, अजय टम्टा एवं मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन

टनकपुर स्थित होटल लक्ष्य में गुरुवार को एनएच चौड़ीकरण से प्रभावित क्षेत्रवासियों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग में बाईपास निर्माण की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी रणनीति एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से बनबसा से ककराली गेट पार तक एनएच में बाईपास निर्माण की मांग समय-समय पर उठाई जाती रही है, ताकि घनी आबादी, बाजार, विद्यालयों एवं धार्मिक यातायात पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव को कम किया जा सके।बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि कुछ समय पूर्व समाजसेवी दीप पाठक द्वारा केंद्रीय मंत्रियों सहित मुख्यमंत्री को उपजिलाधिकारी पूर्णागिरी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर एनएच पर बाईपास/एलिवेटेड रोड निर्माण की मांग की गई थी।किन्तु अब टनकपुर तहसील से भूमि अधिग्रहण हेतु आपत्तियों की अभिसूचना जारी होने के बाद स्थानीय प्रभावितों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के कारण अनेक छोटे किसानों की भूमि, स्थानीय लोगों के आवास एवं व्यवसाय हमेशा के लिए समाप्त होने की स्थिति में पहुंच जाएंगे। साथ ही हजारों विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों एवं पूर्णागिरी धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी प्रभावित होगी।बैठक में कहा गया कि ककराली गेट से बनबसा तक दर्जनों निजी एवं सरकारी विद्यालय स्थित हैं, जहां लगभग 10 हजार विद्यार्थी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। वहीं टनकपुर एवं बनबसा के बाजारों और बस स्टेशनों से प्रतिदिन लगभग 15 हजार यात्री यात्रा करते हैं।

इसके अतिरिक्त पूर्णागिरी धाम हेतु प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पैदल, डोला एवं निजी वाहनों से इस मार्ग का उपयोग करते हैं।प्रभावितों ने कहा कि जब देश के अधिकांश छोटे-बड़े शहरों में बाईपास की व्यवस्था की जाती है, तो टनकपुर–बनबसा जैसे अत्यधिक व्यस्त एवं धार्मिक महत्व वाले क्षेत्र को इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित क्यों रखा जा रहा है।इसी क्रम में दीप पाठक के होटल लक्ष्य स्थित कार्यालय में बैठक कर आगे की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक के उपरांत सभी प्रभावित तहसील पहुंचे तथा तहसील प्रशासन के माध्यम से माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मके सांसद अजय टम्टा तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया।प्रभावितों ने चेतावनी दी कि यदि जनहित को देखते हुए बाईपास निर्माण की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
