रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : हल्द्वानी:बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश, अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक
Laxman Singh Bisht
Tue, Feb 24, 2026
बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला
सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश, अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक
हल्द्वानी। बनभूलपुरा स्थित रेलवे भूमि पर अतिक्रमण हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि संबंधित भूमि रेलवे की संपत्ति है और अपीलकर्ताओं को यह अधिकार नहीं है कि वे उसी स्थान पर पुनर्वास की मांग करें।सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जमीन के उपयोग का निर्णय लेने का अधिकार रेलवे प्रशासन को है। साथ ही, विस्थापन से प्रभावित होने वाले परिवारों की पहचान करने के निर्देश भी दिए गए हैं। रेलवे और राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यदि परिवारों को हटाया जाता है तो उन्हें छह महीने तक प्रति परिवार दो हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस पर अदालत ने सहमति जताई। कोर्ट ने निर्देश दिया कि 19 मार्च (ईद) के बाद कैंप लगाकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाए। हालांकि, अगली सुनवाई तक रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में दी गई राहत उत्तराखंड के अन्य अवैध कब्जों के मामलों में लागू नहीं होगी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बसे लोगों को हटाना ही होगा और कब्जाधारी यह तय नहीं कर सकते कि रेलवे अपनी जमीन का उपयोग कैसे करे। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद हल्द्वानी सहित प्रदेश में भूमि अतिक्रमण के मामलों पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।