Wednesday 13th of May 2026

ब्रेकिंग

टनकपुर:एनएच चौड़ीकरण में बाईपास की मांग तेज प्रभावितों ने दी आंदोलन की चेतावनी

लोहाघाट:14 मई को लोहाघाट पहुंचेगी श्री विश्वनाथ मां जगदीशिला डोली ।होगा भव्य स्वागत।

लोहाघाट व चंपावत मे शराब दुकानों पर आबकारी विभाग की छापामारी अनियमितताओं पर चालानी कार्रवाई

पाटी: शादी के 4 दिन बाद जेवर सहित प्रेमी संग फरार हुई नवविवाहित

लोहाघाट:होली विजडम स्कूल का रहा जलवा भुवनेश जोशी ने 93.8 % अंक के साथ विद्यालय किया टॉप।

सूचना

कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

: चम्पावत:महाकवि व साहित्य शिरोमणि डा. कीर्तिवल्लभ शक्टा को चार धाम गढ़वाल तीर्थ सम्मान श्रीमहादेवग्राम छाती में आयोजित समारोह में हुआ भव्य अभिनन्दन

Laxman Singh Bisht

Sun, Sep 24, 2023
चंपावत जिले के महाकवि व साहित्य शिरोमणि डा. कीर्तिवल्लभ शक्टा को चार धाम गढ़वाल तीर्थ सम्मान से किया गया सम्मानित टिहरी, केदार सिंह चौहान 'प्रवर': उत्तराखण्ड कुमांऊ की मानसभूमि चंपावत के विश्व प्रसिद्ध संस्कृत और हिन्दी के महाकवि व साहित्य शिरोमणि डा. कीर्तिवल्लभशक्टा को श्रीमहादेव ग्राम छाती में गांववासियों द्वारा एक सादे समारोह में भव्य अभिनन्दन के उपरान्त 'चार धाम गढ़वाल तीर्थ सम्मान' से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें श्री राम सिंह कुठ्ठी नेगी के हाथों उनके आवास पर आयोजित एक सादे समारोह में सपत्नीक प्रदान किया गया। इस मौके पर मौजूद श्रीमहादेवगांववासी नागरिकों ने कवि शिरोमणि डा. शक्टा व उनकी सहधर्मिणी श्रीमती देवकी देवी का माल्यार्पण के साथ शॉल भेंटकर अभिनन्दन भी किया गया। साथ ही चार धाम स्मृति चिन्ह भी भेंट किए।महाकवि डा. शक्टा अपनी चार धाम यात्रा भ्रमण के दौरान यहां श्रीमहादेवग्राम छाती आये थे। टिहरी पहुंचने पर डा. शक्टा ने पहले सिद्धपीठ श्रीसुरकण्डा देवी के दर्शन किए तदोपरान्त उन्होंने मखलोगी प्रखण्ड में पदार्पण के उपरांत टिहरी व कोटेश्वर बांध क्षेत्र का भ्रमण किया, रात्रि विश्राम हेतु डा. शक्टा श्रीमहादेवग्राम छाती में श्री रामसिंह कुठ्ठी नेगी के आवास पर आये। रविवारीय प्रातः डा. शक्टा ने श्रीमहादेव मन्दिर में पूजार्चन किया। इसी दौरान डा. शक्टा ने छाती महादेव पर कुछ श्लोकों की रचना भी की। उनकी डायरी में रचित श्लोकों का चित्र निम्नांकित हैः- आपको बता दें कि महाकवि डा. कीर्तिवल्लभशक्टा ‘शाकटायन’ उच्चकोटि के संस्कृतनिष्ठ, धर्मनिष्ठ, कर्मनिष्ठ, कुमॉंउनी कुलीन ब्राह्मण हैं। इनके पूर्वज सतारा महाराष्ट्र से लगभग 12वीं शताब्दी में काठमांडू आये थे। काठमांडू से आकर चंपावत में चन्द शासकों के धर्मगुरु थे। महाकवि डा. कीर्तिवल्लभशक्टा ‘शाकटायन’ का जन्म 02 जून 1954 को पं. बद्रीदत्त शक्ता जी के यहां हुआ। इनका पूरा परिवार संस्कृतनिष्ठ है, इनके सुपुत्र डा. कमलेश शक्टा संस्कृत उपाचार्य हैं।महाकवि डा. कीर्तिवल्लभशक्टा ‘शाकटायन’ की संस्कृत सेवा के फलस्वरूप संस्कृत अकादमी उत्तराखण्ड द्वारा खर्ककार्की को संस्कृत ग्राम घोषित किया गया है। इनका परिवार खर्ककार्की के जिस तोक में रहता है, उसका नाम शकटा है। जिससे इनकी जाति भी शक्टा कहलाने लगी। इनकी 16 वर्ष की अवस्था में उनकी माता श्रीमती कलावती जी का स्वर्गवास हो गया था। डा. शक्टा के अनुसार उनकी माता स्व. श्री कलावती जी ने ही इन्हें अक्षरबोध करवाया था।डा. शक्टा जी की प्रारम्भिक शिक्षा गांव में हुई। संस्कृत प्रारम्भिक शिक्षा चंपावत के ऐंग्लो संस्कृत विद्यालय में हुई। उच्च शिक्षा हेतु वे काशी बनारस चले गए। वहां इन्होंने संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री और आचार्य तथा पीएचडी शिक्षा ग्रहण की। पं. नारायण दत्त पाण्डेय चंपावत से व्याकरण शास्त्र की शिक्षा प्राप्त की। काशी के साहित्य के प्रसिद्ध विद्वान कैलाशपति त्रिपाठी के अधीन पीएचडी प्राप्त कर वे अपनी साहित्य प्रेरणा के गुरु डा. विजेन्द्र तिवारी जी को मानते हैं। डा. शक्टा ने 1980 से संस्कृत साहित्य के पद पर संस्कृत शिक्षण कार्य शुरू किया तथा प्रवक्ता के पद से 2016 में सेवानिवृति हुई। संस्कृत शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए भारत सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय पात्रता पुरस्कार से अलंकृत किया। यद्यपि महाकवि डा. कीर्तिवल्लभशक्टा ‘शाकटायन’ ने संस्कृत की विभिन्न विधाओं में साहित्य सृजन किया तथापि काव्य के क्षेत्र में इनका विशिष्ट योगदान है। अखिल भारतीय विभिन्न कवि सम्मेलनों में इनकी सफल भागीदारी रही है। डा. शक्टा का संस्कृत नाटक “सीता रामचरितम्“ है। कूर्माचल दर्शन संस्कृत खण्ड काव्य है। न्याय मूर्ति गोरल महाकाव्य, शिवशक्ति महाकाव्य, ये दोनों हिन्दी के चर्चित महाकाव्य हैं। मानस भूमि में चर्चित न्यायमूर्ति गोरल महाकाव्य के पाठ मात्र से लोगों की मनोकामनायें पूर्ण हुई हैं। डा. शक्टा का ’राष्ट्रीय भवति सर्वस्वम्' नाटक बड़ा लोकप्रिय रहा। डा. शक्टा को संस्कृत साहित्य की उत्कृष्ट सेवा के लिए विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इन पुरस्कारों में अखिल भारतीय डा. लक्ष्मीनारायण पुरस्कार, पाण्डेय स्मृति सम्मान, शब्द प्रवाह उज्जैन, गुमानी पुरस्कार पिथौरागढ़, कुमांउनी साहित्य सेवा पुरस्कार अल्मोड़ा शामिल हैं।अपनी चार धाम यात्रा के दौरान संस्कृत साहित्य शिरोमणि महाकवि डा. कीर्तिवल्लभशक्टा ‘शाकटायन’ मखलोगी प्रखण्ड में आये। जहां उन्होंने पौराणिक शिवालय छाती में भगवान शिव का अर्चन किया और वहीं पर कुछ श्लोकों की रचना भी की। श्रीमहादेवग्राम छाती वासियों ने साहित्य शिरोमणि एवं महाकवि डा. शक्टा व उनके साथियों डा. नारायण पाण्डेय का महादेव भूमि में माल्यार्पण एवं शॉल भेंटकर अभिनन्दन किया और सपरिवार चार धाम गढ़वाल तीर्थ सम्मान से सम्मानित किया। इस मौके पर श्री राम सिंह कुठ्ठी नेगी, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कमला कुठ्ठी, उनके पिता श्री भाग सिंह कुठ्ठी, मास्टर आशुतोष कुट्ठी, उमेद सिंह गुसाईं, सेवानिवृत फायर सर्विस दरोगा श्री सौकार सिंह चौहान, सेवानिवृत बैंक खजांची श्यामसिंह कुठ्ठी, केदारसिंह चौहान प्रवर, छायाकार राजकमल चौहान आदि अनेक लोग मौजूद रहे।

जरूरी खबरें