रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:पाटी में सहकारिता क्रांति की नई शुरुआत, सुशासन और नेतृत्व से आत्मनिर्भरता का संकल्प मजबूत।
Laxman Singh Bisht
Sun, May 17, 2026
पाटी में सहकारिता क्रांति की नई शुरुआत, सुशासन और नेतृत्व से आत्मनिर्भरता का संकल्प मजबूत।
तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण में सहकारिता संचालकों को मिला नैतिक नेतृत्व, पारदर्शिता और आधुनिक प्रबंधन का पाठ।

लोहाघाट (पाटी)। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और सहकारिता संस्थाओं में पारदर्शिता व प्रभावी नेतृत्व विकसित करने की दिशा में पाटी विकासखंड में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। ग्रामोत्थान परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन हुआ, जिसमें पांच स्वायत्त सहकारिताओं और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े 36 पदाधिकारियों एवं स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी की।ब्लॉक सभागार पाटी में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सहकारिता मॉडल, नैतिकता, सुशासन, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया गया। ग्रामोत्थान के मास्टर ट्रेनर प्रकार चन्द पाठक एवं कुलदीप भट्ट ने प्रतिभागियों को सहकारिता एवं कंपनी एक्ट, संगठन गठन प्रक्रिया, संचालन व्यवस्था, जिम्मेदारियों और सदस्यीय सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।प्रशिक्षण में आधुनिक उद्यमिता, ऑनलाइन मार्केटिंग, लाइसेंस प्रक्रिया, पूंजी प्रबंधन, ऑडिट व्यवस्था और लाभांश वितरण जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। आरबीआई इंक्यूबेशन मैनेजर पंकज बिष्ट ने डिजिटल मार्केटिंग और स्वरोजगार के नए अवसरों पर प्रकाश डालते हुए सहकारिताओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित किया।वहीं ब्लॉक मिशन मैनेजर रमेश पाटनी ने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मजबूत नेतृत्व और सुशासन ही सहकारिताओं की वास्तविक ताकत है। प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने समूह चर्चा के माध्यम से अपनी-अपनी सहकारिताओं की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन किया तथा भविष्य में पारदर्शी और जिम्मेदार संचालन का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में समृद्धि, सिद्ध विनायक, उन्नति, परिवर्तन और सहयोग स्वायत्त सहकारिता के प्रतिनिधियों के साथ बालेश्वर एफपीओ के सदस्य भी शामिल रहे। प्रशिक्षण के सफल संचालन में सहायक प्रबंधक मूल्यांकन सचिन, अमित खर्कवाल तथा अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।