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कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

: बाराकोट:मां अन्नपूर्णा के रुप मे पूजी जाती है बरदाखान की मां वरदायनी भक्तों की हर मनोकामना होती है पूरी

Laxman Singh Bisht

Fri, Apr 26, 2024
मां अन्नपूर्णा के रुप मे पूजी जाती है बरदाखान की मां वरदायनी भक्तों की हर मनोकामना होती है पूरी माँ भगवती के 108 रूपों में से एक रूप माँ वरदायनी का भी है। माँ वरदायनी का मन्दिर जिला चंपावत के बाराकोट ब्लॉक में बरदाखान नामक स्थान पर है। संभवतया माँ बरदायनी के नाम से ही इस स्थान का नाम बरदाखान पड़ा हो, कहा जाता है इस क्षेत्र के लोग माँ बरदायनी को अन्नपूर्णा के रूप में भी पूजते हैं। इसी मॉ के आशीर्वाद से इस के उपासकों के घर में अन्न की कभी कमी नहीं रहती है। इसीलिए इस क्षेत्र का हर किसान अपनी हर खेती का पहला अंश माँ बरदायनी को अर्पित करता है । पौराणिक लोक कथा के अनुसार जब भी कोई भूखा व्यक्ति यहाँ दर्शन के लिए आता था तो पूजा के बाद जब वह वहां स्थित जल कुण्ड से जल ग्रहण कर प्रसाद के लिए वन्दन करता था तो इस जल कुण्ड से एक खीर की तौली निकलती थी। प्रसाद ग्रहण के बाद उस व्यक्ति को उस तौली को साफ कर उसी कुण्ड में डूबना होता था, एक दिन एक व्यक्ति ने ऐसा नहीं किया वह तौली तो जूठी छोड़ कर चला गया उस दिन के बाद उस कुण्ड से खीर की तौली निकलना बंद हो गया और उस स्थान पर एक पेड़ उग गया इस प्रजाति का कोई दूसरा पेड़ इस क्षेत्र में कहीं पर भी नहीं है। और अधिकतर लोगों को आज भी इस पेड़ का नाम पता नहीं है। अब यह पेड़ काफी बूढ़ा और रोग ग्रस्त हो गया है। जिसको उपचार की नितांत आवश्यकता है। आजकल इस कुण्ड(नौले) को अधिकतर बन्द ही रखा जाता है । आज मैने इस कुण्ड को खुलवाया इसका जल इतना साफ था जिसकी आज कल्पना भी नहीं की जा सकती है, उससे खीर की तौली तो नहीं निकली पर इसके अमृत रूपी जल को पी कर ऐसे आनन्द की अनभूति हुई जैसे वर्षों की प्यास बुझ गयी हो। आप भी कभी यहां दर्शन को जाएं तो इस अमृत रूपी जल को अवस्य ग्रहण करें। एक और कथा के अनुसार जब भी कोई निःसंतान दम्पति शिवरात्री में सारी रात एक ही आशन पर बैठ कर जागरण करते हैं तो माँ बरदायनी एक साल के भीतर ही उसकी झोली को भर देती है। जो भी भक्तजन अपनी आस्था और विश्वास के साथ माँ बरदायनी मंदिर के दर पर आता है तो उसकी मनोकामना अवस्य पूरी होती हैं मां वरदायनी मंदिर जो कि अपने सौंदर्य और एकांत स्थान के लिए काफी प्रसिद्ध है। चारों ओर वृक्षों की छाया मानो भक्त को एक अलग ही ऊर्जा प्रदान करती है। आप भी इस मंदिर में एक बार जरूर आइए । यहा का पानी अमृत से कम नहीं ♥️ यहां जो भी भक्तजन अपनी मनोकामना ले कर आता है वो अवश्य पूरी होती है

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