Friday 26th of June 2026

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कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:बातों-बातों में : भगवत प्रसाद पांडे की कलम से निकला गड्ढा युक्त सड़कों पर व्यंग सड़क, कुत्त्ता और लुत्त्ता।

Laxman Singh Bisht

Mon, Jun 1, 2026

बातों-बातों में : भगवत प्रसाद पांडे की कलम से निकला गड्ढा युक्त सड़कों पर व्यंग सड़क, कुत्त्ता और लुत्त्ता।

साहित्यकार भगवत प्रसाद पांडे द्वारा अपनी कलम से गड्ढा युक्त सड़कों पर व्यंग लिखा है । पांडे लिखते हैं जैसे कुत्तों, खासकर आवारा कुत्तों में एक बीमारी होती है—खुजली। यह नमी के कारण बरसात होते ही बढ़ जाती है। चिकित्सक इसे 'डर्मेटाइटिस' कहते हैं। अपनी कुमाऊँनी बोली में हम बोलते हैं—'लुत्त्ता'। बेचारा कुत्त्ता जहाँ बैठा, वहीं खुजाने लगता, जहाँ खड़ा हुआ, वहीं पंजा हिलाना शुरू कर दिया। हालत बड़ी दयनीय हो जाती है। मानो शरीर के अधिकांश बाल छुट्टी पर चले गये हों और जो कुछ बचे रहते हैं, वह ऐसे दिखते हैं जैसे पलायन वाले गाँवों में कुछ जड़ों से जुड़े बचे-खुचे ठेठ पहाड़ी बूढ़े-बुढिया। लुत्त्ते वाले कुत्ते को देखकर लोग नाक-भौं सिकोड़ते हुए दूर से ही "छी-छी" करते हैं, डंडा-पत्थर मार कर भगाते हैं। समझदार लोग उनसे उतनी ही दूरी बनाकर रखते हैं जितनी चुनाव के बाद नेता जनता से बनाकर रखते हैं। हर साल की तरह इस बार भी इधर एनएच और पीडब्ल्यूडी आदि की सड़कों को भी "गड्ढा मुक्त" किया गया। बड़े साहब और ठेकेदार सब ने 'बातों-बातों में' सबको बताया- "अब सड़को में चलने पर आपकी चप्पलों और गाड़ी के टायरों का आत्मविश्वास बढ़ जाएगा।" मगर गजब ये हुआ इस मई की ग्रीष्म ऋतु में विगत दो-तीन बारिश क्या हुई, सारी सड़कें फिर बीमार हो गईं। जहाँ-जहाँ डामर भरा था, वहाँ-वहाँ से कुत्तों के बालों की तरह उखड़ गया। छोटे-बड़े गड्ढे ऐसे उभर आए हैं,जैसे लुत्त्ता हुए कुत्ते के शरीर पर बालों के बीच खाली-खाली चकत्ते। सड़क को दूर से देखें तो वह लुत्त्ताग्रस्त का लगती हैं। सैलानियों की गाड़ी भी इनमें हिचकोले खा रही हैं और उनके मुख से भी 'छी-छी' शब्द निकल रहा है। यह सड़कों के लिए जिम्मेदार लोगों को सुनाई नहीं देता। उचित होगा "गड्ढा मुक्त सड़क" का प्रमाणपत्र देने से पहले किसी पशु चिकित्सक से आवश्यक जाँच कराते हुए फिटनेस रिपोर्ट भी लेनी चाहिए कि कहीं सड़क को लुत्त्ता तो नहीं होने वाला है?

■भगवत प्रसाद पाण्डेय

पाटन-पाटनी (लोहाघाट)

(लेखक साहित्यकार और राजस्व महकमे के से.नि. अधिकारी हैं)

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