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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:टीईटी टेट परीक्षा की अनिवार्यता से देश के लाखों शिक्षकों का भविष्य दाव पर: देव

Laxman Singh Bisht

Sat, Sep 13, 2025

चंपावत जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संगठन जिला अध्यक्ष ने भारत सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हस्तक्षेप की मांग सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टीईटी टेट परीक्षा की अनिवार्यता से देश के लाखों शिक्षकों का भविष्य दाव पर है। मामले में जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संगठन ने कि भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। चंपावत जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष रमेश देव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 01 सितंबर के आदेश से प्रदेश एवं देश के बेसिक शिक्षक आहत हैं जिसमें कहा गया है कि बेसिक के शिक्षकों को टीईटी टेट परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा ।जबकि आरटीई एक्ट 2009 जिसे 23 अगस्त 2010 को लागू किया गया था देव ने कहा कि 23 अगस्त 2010 से पहले बेसिक का शिक्षक बनने के लिए योग्यता मात्र इंटर बीटीसी होती थी वकायदा शासन एवं विभाग की ओर से नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति जारी होती थी ।जिसमें नियुक्ति से संबंधित समस्त पत्र की जांच होकर नियुक्ति दी जाती थी ।लेकिन आज अचानक 01 सितंबर 2025 को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा एक आदेश पारित होता है जिसमें कहा जा रहा है कि प्रदेश एवं देश के बेसिक शिक्षकों को टीईटी टेट परीक्षा करना अनिवार्य होगा जिससे पूरे देश के शिक्षकों में भयंकर तनाव एवं असमंजस की स्थिति बनी हुई है । देव ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई खेल के मैदान में खेल खेला जाता है तो उसके नियम पहले बनाए जाते हैं ना की बीच में देव ने यह भी आरोप लगाया कि आज बेसिक शिक्षकों को हर क्षेत्र में एक प्रयोगशाला के रूप में प्रयोग किया जा रहा है । कहा यथाशीघ्र समय रहते प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार को छात्र एवं शिक्षक हित में पुनर्विचार कर निर्णय लेना चाहिए अन्यथा की स्थिति में प्रदेश एवं देश में देश के शिक्षक संगठनों द्वारा एक बहुत बड़ा आंदोलन किया जा सकता है ।

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