रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:डीएम ने लगायी ग्राम चौपाल, सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
Laxman Singh Bisht
Sat, May 30, 2026
डीएम ने लगायी ग्राम चौपाल, सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल के तहत गौरा मैया कीर्तन मंडली को संस्कृति संवर्धन किट भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के "आदर्श चम्पावत" बनाने की दिशा में तथा सरकार जनता के द्वार विज़न को साकार करते हुये जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा शनिवार को विकासखंड चम्पावत के ग्राम पंचायत जौल में स्थित सिद्धपीठ बाबा मंदिर परिसर में चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं तथा उनके समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। ग्रामवासियों की ओर से दीपा जोशी ने ग्रामीणों की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराते हुए जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु घेरबाड़ की व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों ने विद्युत, पेयजल एवं सड़क संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्रामीणों द्वारा सिद्धपीठ बाबा मंदिर के सौंदर्यीकरण तथा मंदिर परिसर में स्थापित ट्रांसफार्मर को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने का भी अनुरोध किया गया।जिलाधिकारी ने सभी मांगों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज सूखीढ़ाग की कक्षा 12वीं की टॉपर छात्रा पूर्णिमा आर्या ने उच्च शिक्षा के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने छात्रा को हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

चौपाल में उपस्थित शंकर जोशी ने सूखीढ़ाग स्थित शिशु मंदिर विद्यालय के शेष निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को विद्यालय भवन निर्माण हेतु शीघ्र एस्टीमेट तैयार कर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया ।इस अवसर पर जनपद में संचालित “नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त देवभूमि” अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की अभिनव पहल के तहत जिलाधिकारी मनीष कुमार ने “ मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल – कला, परंपरा और पहचान” कार्यक्रम के अंतर्गत गौरा मैया कीर्तन मंडली, जौल को संस्कृति संवर्धन किट प्रदान की।जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक चेतना जागृत करने तथा युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम भी बन रही है। कार्यक्रम के माध्यम से लोक संस्कृति, भजन-कीर्तन, पारंपरिक कला, सामाजिक सहभागिता एवं जनजागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।इस दौरान महिला कीर्तन मंडली की सदस्याओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस अभिनव पहल से लोक संस्कृति को नई ऊर्जा मिल रही है तथा महिलाओं को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच प्राप्त हुआ है।इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी अशोक अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी), श्रीमती दीपा जोशी, श्रीमती रेनू सामंत, श्रीमती द्रोपती देवी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।