रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : भिंगराड़ा:65 वर्षीय विधवा महिला की पुकार आखिर कब मिलेगी अपनी ही जमा पूंजी? एक डाकघर से दूसरे डाकघर काट रही चक्कर।
Laxman Singh Bisht
Sat, May 30, 2026
65 वर्षीय विधवा महिला की पुकार आखिर कब मिलेगी अपनी ही जमा पूंजी? एक डाकघर से दूसरे डाकघर काट रही चक्कर। जिलाधिकारी से लगाई गुहार

ईश्वरी देवी, उम्र 65 वर्ष चंपावत जिले के ग्राम भिंगराड़ा की निवासी हैं। उनके पति स्वर्गीय त्रिलोचन भट्ट का वर्ष 2017 में निधन हो गया था।परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्वर्गीय त्रिलोचन भट्ट ने वर्ष 2013 में डाकघर में एक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाई थी। यह धनराशि किसी अमीर व्यक्ति की अतिरिक्त बचत नहीं थी, बल्कि एक मेहनतकश मजदूर की जीवनभर की कमाई थी। उन्होंने कई बार अपनी जरूरतों को टालकर, कम खाकर, अपने इलाज पर खर्च न करके और दिन-रात मेहनत-मजदूरी करके यह पैसा अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए जोड़ा था।दुर्भाग्यवश वर्ष 2017 में उनके निधन के बाद उनकी पत्नी ईश्वरी देवी अकेली पड़ गईं। लेकिन सबसे दुखद बात यह है कि पति के निधन के लगभग नौ वर्ष बाद भी आज तक उन्हें अपनी ही जमा पूंजी प्राप्त नहीं हो सकी है।ईश्वरी देवी ने कहा उनके पास एफडी की मूल हार्ड कॉपी मौजूद है, फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। जब भी वह डाक विभाग से सहायता मांगती हैं, उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेज दिया जाता है। ईश्वरी देवी ने बताया भिंगराड़ा डाकघर उन्हें खेतीखान जाने को कहता है, खेतीखान वाले पिथौरागढ़ जाने को कहते हैं। उन्होंने कहा एक वृद्ध, गरीब और विधवा महिला के लिए बार-बार दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाना अत्यंत कठिन और कष्टदायक है। ईश्वरी देवी ने कहा आज सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि जिस धनराशि को उनके पति ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए त्याग और कठिन परिश्रम से जमा किया था, उसी धनराशि को पाने के लिए उन्हें वर्षों से भटकना पड़ रहा है। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी कठिनाई हो रही है।जबकि उनकी अपनी मेहनत की जमा पूंजी सरकारी व्यवस्था में कहीं अटकी हुई है। कहा एक 65 वर्षीय विधवा महिला, जिसके पास अपनी जमा राशि का प्रमाण मौजूद है, उसे वर्षों तक अपनी ही बचत के लिए भटकना पड़े, यह प्रशासन और व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है। ईश्वरी देवी ने जिलाधिकारी चम्पावत, उपजिलाधिकारी पाटी, डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन किया है कि उनके मामले की तत्काल जांच कर उन्हें उनकी वैध जमा राशि दिलाने की कृपा करें। यह केवल आर्थिक सहायता का विषय नहीं है, बल्कि एक बुजुर्ग विधवा महिला को न्याय दिलाने का प्रश्न है। वही ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अनुरोध करते हुए कहा कि मानवीय आधार पर इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि स्वर्गीय त्रिलोचन भट्ट की जीवनभर की मेहनत की कमाई उनकी पत्नी को मिल सके और एक असहाय वृद्ध महिला को वर्षों की पीड़ा से राहत मिल सके। वही मामले में ईश्वरी देवी को एफडी का पैसा क्यों नहीं मिल पा रहा मामले में क्या विभागीय दिक्कत है इस बात की जानकारी डाक विभाग के अधिकारी दे सकते हैं पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया।