रिपोर्ट:जगदीश जोशी : बाराकोट:जीआईसी मऊ एवं रा0उ0प्रा विद्यालय सुतेड़ा में कुमाऊनी एवं गढ़वाली कक्षाओं का संचालन
Laxman Singh Bisht
Thu, May 28, 2026
जीआईसी मऊ एवं रा0उ0प्रा विद्यालय सुतेड़ा में कुमाऊनी एवं गढ़वाली कक्षाओं का संचालन

चम्पावत : उत्तराखंड लोक भाषा साहित्य मंच दिल्ली, डीपीएमआई इंस्टिट्यूट के सहयोग से अपनी मातृभाषा , दुदबोलि कुमाऊनी को संरक्षण प्रदान करने व इसे अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करने के उद्देश्य से विकासखण्ड बाराकोट के राजकीय इण्टर कालेज मऊ एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सुतेड़ा में ग्रीष्मकालीन अवकाश में कुमाऊनी एवं गढ़वाली कक्षाओं का संचालन 6 मई से 26 जुलाई तक किया जा रहा है। राजकीय इण्टर कालेज मऊ में कुमाऊनी भाषा कक्षाओं के केंद्र प्रमुख शिक्षक ऋतेश कुमार वर्मा ने बताया कि राजकीय इण्टर कालेज मऊ में 45 एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सुतेड़ा में 30 बच्चे प्रतिभाग कर रहे हैं।

कक्षाओं में नवीन चन्द्र जोशी, अंजू फर्त्याल, रीतू गोस्वामी, जनार्दन प्रसाद, स्निग्धा कन्याल, तुलसी भट्ट, जगदीश सिंह तड़ागी, हेमा बिष्ट, ममता बिष्ट और तुलसी बिष्ट द्वारा बच्चों को अपना परिचय, परिवार के सदस्यों के नाम, कुमाऊनी गढ़वाली भाषा में वन्दना, प्रार्थना, समूह गान, कविता, गायन, वादन के साथ उत्तराखंड के महान व्यक्तित्व का परिचय, कुमाऊनी में वार्तालाप, मुहावरे, हिंदी के शब्दों को कुमाऊनी में क्या कहते हैं पर बातचीत, लोकगीत और लोक गायकों का परिचय, लोककथा, पारम्परिक खेलों की गतिविधियां कराई जा रही हैं।