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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : बाराकोट:रेगांव मे बंगाली डॉक्टर के इलाज से बिगड़ी बुजुर्ग महिला की हालत। परिजनों ने लगाया आरोप।

Laxman Singh Bisht

Mon, Jul 20, 2026

रेगांव मे बंगाली डॉक्टर के इलाज से बिगड़ी बुजुर्ग महिला की हालत। परिजनों ने लगाया आरोप।

लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में चल रहा है इलाज। स्वास्थ्य विभाग से कार्यवाही की मांग।

बंगाली डॉक्टर के द्वारा बुखार की दवा देने के बाद बुजुर्ग महिला को हुआ रिएक्शन पूरे शरीर में हुए दाने।

चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में अस्पताल की सुविधा न होने के कारण कई जगह बंगाली चिकित्सकों के द्वारा डेरा डाला गया है ।जिनके द्वारा काफी महंगा इलाज मरीजों का किया जाता है कभी-कभी इन बंगाली डॉक्टर के लत से मरीजों की जान पर बन आती है पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इन चिकित्सकों की कभी जांच नहीं की जाती। ऐसा ही एक मामला जिले के बाराकोट ब्लॉक के रेगांव से आया है। जहां एक बंगाली डॉक्टर के द्वारा एक बुजुर्ग बसंती देवी का बुखार का उपचार किया गया था बुखार की दवा खाते ही बसंती देवी की हालत बिगड़ने लगी और उनके पूरे शरीर में एलर्जी हो गई। बसंती देवी की बेटी मंजू बिष्ट ने बताया 20 दिन पूर्व उनकी मां बसंती देवी को बुखार आया था जिस कारण वह रेगांव के स्टेशन बाजार में बंगाली चिकित्सक के पास उपचार हेतु गई। मंजू बिष्ट ने आरोप लगाते हुए कहा बंगाली चिकित्सक के द्वारा उपचार हेतु उनकी मां से चार-पांच सो रुपए लेकर बुखार की दवा दी गई। उन्होंने कहा बुखार की दवा खाते ही उनकी मां की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और दवा के रिएक्शन से उनके पूरे शरीर पर दाने हो गए। इसके बाद वह अपनी मां को लेकर लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय आई जहां अभी भी उनका उपचार चल रहा है ।उन्होंने बताया उनकी मां बसंती देवी की हालत अभी भी ठीक नहीं हुई है। उन्होंने सीएमओ चंपावत व स्वास्थ्य विभाग से इस प्रकार के चिकित्सकों की जांच करने तथा रेगांव अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं व चिकित्सक की तैनाती मांग की है। फिलहाल मामले में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बात ही पता लग पाएगा। पर गांवो की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल है।

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