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रिपोर्ट: साहबराम : New Corridor : हरियाणा से दिल्ली पहुंचना होगा अब बिल्कुल आसान, यहां बनेगा नया कॉरिडोर

Laxman Singh Bisht

Sat, Aug 23, 2025

New Corridor : केंद्र सरकार द्वारा लोगों को बेहतर यतायात सुविधा देने के लिए लगातार एक्सप्रेसवे, हाईवे, कॉरिडोर और सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इसी बीच नमो भारत के दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय परिवहन निगम (NCRTC) ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार से स्वीकृति नहीं मिली है।

कॉरिडोर का निर्माण

आपको बता दें कि कॉरिडोर का निर्माण शुरू करने से पहले सड़क के चौड़ीकरण और जीर्णोद्धार के लिए तीन टेंडर्स आमंत्रित किए हैं।अधिकारियों का कहना है कि जब 136 KM लंबे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर का निर्माण शुरू होगा, तो सड़क के कुछ हिस्सों पर बैरिकेडिंग या डायवर्ट करने की आवश्यकता पड़ सकती है। इस सूरत में यातायात के लिए कैरिजवे संकरा हो जाएगा।

लिहाजा व्यवधानों को कम करने और यातायात के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए, सड़क चौड़ीकरण की गतिविधियां निर्माण-पूर्व गतिविधि के रूप में पहले से ही की जाती हैं। यह कदम यात्रियों की असुविधा को कम करने और निर्माण के दौरान आसान आवाजाही की सुविधा प्रदान करने में मदद करता है, जबकि बाद में यात्रियों के लिए चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराता है।

एक अधिकारी ने कहा, “कार्य के दायरे में सड़क के चौड़ीकरण और कार्पेटिंग, नई सड़क निर्माण और मरम्मत से संबंधित सभी सिविल कार्य शामिल हैं। इसमें आरसीसी नालियों का निर्माण और आरसीसी ह्यूम पाइप लगाना और बिछाना भी शामिल है।” निविदा दस्तावेज़ में निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा बरती जाने वाली सभी सावधानियों और सुरक्षा उपायों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। ठेकेदार मैनुअल के अनुसार सभी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार होगा।

मालूम हो कि आरआरटीएस कॉरिडोर का लगभग 100 किमी का काम हरियाणा में होना है, जबकि बाकी 36 किमी दिल्ली से होकर गुजरता है। एनसीआरटीसी ने पूरे 136 किलोमीटर के हिस्से को तीन खंडों में विभाजित किया है और तेज़ व कुशल कार्य के लिए प्रत्येक खंड के लिए अलग-अलग बोलियां आमंत्रित की हैं।

पहुंचेंगे सिर्फ 90 मिनट में

पहला खंड सराय काले खां और अलीपुर के बीच, दूसरा अलीपुर और समालखा से पहले के बीच और तीसरा खंड समालखा और करनाल न्यू आईएसबीटी के बीच है। जब यह नमो भारत कॉरिडोर पूरा हो जाएगा, तो यात्री दिल्ली से हरियाणा के करनाल तक केवल 90 मिनट में, कश्मीरी गेट से मुरथल तक 30 मिनट में, इंद्रप्रस्थ से सोनीपत तक केवल 35 मिनट में और कश्मीरी गेट से पानीपत तक एक घंटे में यात्रा कर सकेंगे।

प्रस्तावित कॉरिडोर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर करनाल के न्यू आईएसबीटी पर समाप्त होगा, जिसके 18 में से सात स्टेशन राष्ट्रीय राजधानी में होंगे। सराय काले खां के अलावा, दिल्ली के अन्य स्टेशन इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, झड़ौदा कलां, भलस्वा चौक, अलीपुर और नरेला हैं। परिचालन को सहयोग देने के लिए मुरथल और गंजबार में एक-एक डिपो बनाने की योजना बनाई गई है।

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