रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:मानवता के सच्चे उपासक — डॉ. ललित मोहन रखोलिया और डॉ. ऋतु रखोलिया।
मानवता के सच्चे उपासक — डॉ. ललित मोहन रखोलिया और डॉ. ऋतु रखोलिया।
रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं यह सेवाभावी चिकित्सक दंपति।
चंपावत। चिकित्सा पेशा केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा है — इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ललित मोहन रखोलिया और उनकी जीवनसंगिनी प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋतु रखोलिया। यह दंपति अपने निस्वार्थ सेवा भाव, करुणा और समर्पण से आम जनमानस में “जीवित भगवान” के रूप में प्रतिष्ठित हो चुके हैं। डॉ. ललित मोहन रखोलिया (संयुक्त निदेशक) वर्षों से रोगियों के प्रति अद्भुत संवेदना और समर्पण के साथ सेवा दे रहे हैं। वहीं, डॉ. ऋतु रखोलिया ने एक कुशल पेडियाट्रिशियन के रूप में हल्द्वानी क्षेत्र में हजारों बालकों को जीवनदान और माताओं को भरोसा दिया है। डॉ ऋतु हल्द्वानी मेडीकल कॉलेज की प्रोफेसर भी है। कोरोना काल जैसी भयावह स्थिति में जब अधिकांश लोग अपने घरों तक सीमित हो गए थे, तब यह दंपति दिन-रात जनता की सेवा में जुटा रहा। इनका मानना था — “हम पीड़ित मानवता को उनके भाग्य पर नहीं छोड़ सकते, क्योंकि उनकी दुआएं ही हमारा सबसे बड़ा कवच हैं।”
इनकी विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडे के साथ विनित तोमर, नरेंद्र सिंह भंडारी, नवनीत पाण्डे, चम्पावत एवं पिथौरागढ़ के सीएमओ, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, रामलीला कमेटी सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने सार्वजनिक रूप से इन्हें सम्मानित किया जाता रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे समर्पित चिकित्सक दंपति को राष्ट्रपति पुरस्कार जैसा राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए, क्योंकि इन्होंने चिकित्सा जगत की वह गरिमा और प्रतिष्ठा कायम रखी है, जो आज के समय में दुर्लभ है। वास्तव में, डॉ. ललित मोहन रिखोलिया और डॉ. ऋतु रखोलिया जैसे चिकित्सक हमारे समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं — ऐसे सच्चे हीरो जो सफेद कोट में मानवता की मिसाल बने हुए हैं।