लोहाघाट:घास के लुट्टो को बनाने के लिए प्रदेश में कांटे जा रहे हैं हजारों देवदार के पेड़ वन महकमा खामोश वृक्ष मित्र ने सरकार से कार्रवाई की करी मांग
Laxman Singh Bisht
Nov 07, 2023 02:51 am
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07 Nov 2023
घास के लुट्टो को बनाने के लिए प्रदेश में कांटे जा रहे हैं हजारों देवदार के पेड़ वन महकमा खामोश
आजकल उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में घास कटाई जोरों से चल रही है कटी घास को रखने के लिए ग्रामीणों के द्वारा घास के लुट्टो का निर्माण किया जाता है लुट्टो के निर्माण के लिए हर वर्ष ग्रामीणों के द्वारा हजारों बहुमूल्य देवदार के छोटे छोटे पेड़ों को काट दिया जाता है जिस कारण देवदार के बहुमूल्य वनों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है लेकिन देवदार के इन बहुमूल्य पेड़ों को बचाने के लिए प्रदेश के वन महकमे के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं करी जा रही है ना ही समस्या के समाधान का कोई विकल्प ढूंढा जा रहा है ना ही वन मंत्री के द्वारा कोई संज्ञान लिया जा रहा है
ऐसा ही हाल चंपावत ,लोहाघाट आदि क्षेत्रों में है जहां ग्रामीणों के द्वारा घास के लुट्टो के निर्माण के लिए बहुमूल्य देवदार व अन्य वृक्षों को काटा जा रहा है इस मामले को लेकर लोहाघाट के सुई गांव के वृक्ष मित्र व आस संस्था के अध्यक्ष कैलाश तलनिया ने गहरी चिंता जताते हुए कहा लुट्टो निर्माण के नाम पर हर वर्ष उत्तराखंड में लाखों पेड़ों की बलि चढ़ा दी जाती है लेकिन प्रदेश का वन महकमा इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा है जबकि उनके द्वारा वन मंत्री व डीएफओ आदि को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है
तलनिया ने बताया एक देवदार के पेड़ को 15 से 20 फुट की ऊंचाई तक जाने में 15 से 20 वर्ष का समय लगता है उन्होंने बताया वह खुद किसान है और लुट्टों के निर्माण के लिए लोहे के पाइपों का इस्तेमाल करते आ रहे हैं तथा लोगों को जागरुक कर रहे हैं उन्होंने सरकार से देवदार के बहुमूल्य वनों को बचाने के लिए ठोस योजना निर्माण की मांग की है मालूम हो कैलाश तलनिया इस समस्या पर वर्षों से कार्य कर रहे हैं तथा अपनी पत्रिका में भी इस समस्या के बारे में कई बार लिख चुके हैं जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कार दिया जा चुका है तलनिया ने कहा वन महकमे को इस समस्या के समाधान के लिए जागना होगा अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब कई क्षेत्रों से देवदार के पेड़ गायब हो जाएंगे
उन्होंने कहा बहुमूल्य देवदारों को बचाने के लिए उनका संघर्ष जारी है वहीं लोहाघाट के रेंजर दीप जोशी ने भी इस समस्या को गंभीर मानते हुए कहा इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग द्वारा समय समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं लोगों से घास के लुट्टो को बनाने के लिए लोहे के पाइपों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है रेंजर जोशी ने कहा वन विभाग की टीम को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा तथा जिस किसी भी ग्रामीण के द्वारा देवदार के पेड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई करी जाएगी
मालूम हो कुछ ही ग्रामीणों के द्वारा लुट्टो के निर्माण के लिए लोहे के पाइपों का इस्तेमाल किया जा रहा है वन विभाग ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्य योजना बनानी होगी जिससे देवदार के इन बहुमूल्य वनों को बचाया जा सके और लोगों को भी इस मामले को लेकर गंभीरता से विचार करना होगा
आजकल उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में घास कटाई जोरों से चल रही है कटी घास को रखने के लिए ग्रामीणों के द्वारा घास के लुट्टो का निर्माण किया जाता है लुट्टो के निर्माण के लिए हर वर्ष ग्रामीणों के द्वारा हजारों बहुमूल्य देवदार के छोटे छोटे पेड़ों को काट दिया जाता है जिस कारण देवदार के बहुमूल्य वनों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है लेकिन देवदार के इन बहुमूल्य पेड़ों को बचाने के लिए प्रदेश के वन महकमे के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं करी जा रही है ना ही समस्या के समाधान का कोई विकल्प ढूंढा जा रहा है ना ही वन मंत्री के द्वारा कोई संज्ञान लिया जा रहा है
ऐसा ही हाल चंपावत ,लोहाघाट आदि क्षेत्रों में है जहां ग्रामीणों के द्वारा घास के लुट्टो के निर्माण के लिए बहुमूल्य देवदार व अन्य वृक्षों को काटा जा रहा है इस मामले को लेकर लोहाघाट के सुई गांव के वृक्ष मित्र व आस संस्था के अध्यक्ष कैलाश तलनिया ने गहरी चिंता जताते हुए कहा लुट्टो निर्माण के नाम पर हर वर्ष उत्तराखंड में लाखों पेड़ों की बलि चढ़ा दी जाती है लेकिन प्रदेश का वन महकमा इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा है जबकि उनके द्वारा वन मंत्री व डीएफओ आदि को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है
तलनिया ने बताया एक देवदार के पेड़ को 15 से 20 फुट की ऊंचाई तक जाने में 15 से 20 वर्ष का समय लगता है उन्होंने बताया वह खुद किसान है और लुट्टों के निर्माण के लिए लोहे के पाइपों का इस्तेमाल करते आ रहे हैं तथा लोगों को जागरुक कर रहे हैं उन्होंने सरकार से देवदार के बहुमूल्य वनों को बचाने के लिए ठोस योजना निर्माण की मांग की है मालूम हो कैलाश तलनिया इस समस्या पर वर्षों से कार्य कर रहे हैं तथा अपनी पत्रिका में भी इस समस्या के बारे में कई बार लिख चुके हैं जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कार दिया जा चुका है तलनिया ने कहा वन महकमे को इस समस्या के समाधान के लिए जागना होगा अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब कई क्षेत्रों से देवदार के पेड़ गायब हो जाएंगे
उन्होंने कहा बहुमूल्य देवदारों को बचाने के लिए उनका संघर्ष जारी है वहीं लोहाघाट के रेंजर दीप जोशी ने भी इस समस्या को गंभीर मानते हुए कहा इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग द्वारा समय समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं लोगों से घास के लुट्टो को बनाने के लिए लोहे के पाइपों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है रेंजर जोशी ने कहा वन विभाग की टीम को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा तथा जिस किसी भी ग्रामीण के द्वारा देवदार के पेड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई करी जाएगी
मालूम हो कुछ ही ग्रामीणों के द्वारा लुट्टो के निर्माण के लिए लोहे के पाइपों का इस्तेमाल किया जा रहा है वन विभाग ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्य योजना बनानी होगी जिससे देवदार के इन बहुमूल्य वनों को बचाया जा सके और लोगों को भी इस मामले को लेकर गंभीरता से विचार करना होगा
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