Saturday 27th of June 2026

ब्रेकिंग

चंपावत:खेतीखान में पर्यटन विकास हेतु धनराशि को अन्यत्र स्थानांतरित करने पर नाराजगी।

चंपावत:भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर हो समाधान : डीएम

चंपावत में डंपर से टकराया नेपाली मजदूर उपचार के दौरान मौत

लोहाघाट:ऑपरेशन प्रहार लोहाघाट पुलिस ने 4.36 ग्राम स्मैक के साथ युवक को किया गिरफ्तार।

लोहाघाट:30 जून को मुख्यमंत्री आवास देहरादून में गरजेंगे गुरिल्ला 01 जुलाई को करेंगे सचिवालय कूच।

सूचना

रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : टनकपुर में सुरों की सरिता: लोक, वीरता औ

Laxman Singh Bisht

Sun, Feb 22, 2026

टनकपुर में सुरों की सरिता: लोक, वीरता और सूफियाना रंगों से सजी यादगार शाम

चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026 : चौथे दिन टनकपुर में सजी भव्य सांस्कृतिक संध्या, लोक–वीरता और सूफियाना सुरों का अद्भुत संगमचम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026’ के चौथे दिन टनकपुर में आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या ने लोक परंपराओं, वीर गाथाओं, क्षेत्रीय संगीत और सूफियाना सुरों का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों की गूंजती तालियां, झूमती भीड़ और रोशनी से पंडाल जगमगाता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड की वीर परंपरा को समर्पित प्रस्तुति से हुई। “माधो सिंह भंडारी” की ओजपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को वीर रस से भर दिया। गढ़वाल क्षेत्र के माधो सिंह भंडारी की वीरता, साहस और त्याग की गाथा जब कुमाऊँ की धरती टनकपुर में गूँजी तो दर्शक भावविभोर हो उठे। “टनकपुर में गूँजा वीर माधो सिंह” के नारों और तालियों ने कुमाऊँ–गढ़वाल की सांस्कृतिक एकता का सुंदर संदेश दिया। इसके पश्चात मंच पर कुमाऊँनी लोकसंगीत की मधुरता बिखेरने पहुंचे सुप्रसिद्ध लोकगायक मनोज आर्या। उनके लोकप्रिय गीतों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। “ढाई हाथे धमेली” और “चहा को होटल” जैसे सुपरहिट गीतों पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने जमकर ठुमके लगाए।सांस्कृतिक विविधता की इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए भोजपुरी संगीत की प्रसिद्ध गायिका राधा श्रीवास्तव ने मंच संभाला। उनके चर्चित गीत “चटनिया ये सइया सिलवट पर पीसी” की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भोजपुरी लोकधुनों की चंचलता और मधुरता ने वातावरण में नई ऊर्जा भर दी। दर्शकों ने तालियों और उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ उनकी प्रस्तुति का आनंद लिया।कार्यक्रम का आकर्षण रही भारतीय सूफी संगीत की मशहूर गायिका ज्योति नूरन। उनकी दमदार और रूहानी आवाज़ ने टनकपुर की संध्या को आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक पहुंचा दिया। “पटाखा गुड्डी”, “महादेव”, “अलबेला सजन आयो” और “पाँव की जुत्ती” जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति पर पूरा पंडाल सुरों में डूब गया। दर्शक देर रात तक सूफियाना रंग में रंगे रहे और उनकी प्रस्तुति को स्टैंडिंग ओवेशन मिला।

जरूरी खबरें