Sunday 21st of June 2026

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लोहाघाट:डूगरी फर्त्याल के बाबा ढेरनाथ मठ में 22 से 30 जून तक शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन।

चंपावत:कलश संगीत कला समिति की वार्षिक संगीत प्रतियोगिता में प्रतिभाओं ने बिखेरा सुरों का जादू

लोहाघाट:डीईएफसी सीजन 3 फुटबॉल प्रतियोगिता की चैंपियन बनी फाल्कन फायर। मॉन्स्टर हंटर को दी मात

बाराकोट में गेराज में काम करने वाले मिस्त्री ने फांसी का फंदा लगाकर की आत्महत्या।

लोहाघाट:कूलेंट लीक होने से मरोड़ा खान में खड़ी हुई टनकपुर डिपो की रोडवेज बस।

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कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

: संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए जनपद चम्पावत में आयोजित हुई संस्कृत संगोष्ठी

Laxman Singh Bisht

Fri, Sep 29, 2023
उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी के तत्वाधान में जनपद चम्पावत में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसका विषय था- उत्तराखण्ड की लोक कलाओं में संस्कृत का प्रभाव। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो जया तिवारी जी ने सारगर्भित व्याख्यान दिया, और बहुमूल्य उदाहरणों और उद्धरणों से श्रोताओं को लाभान्वित किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत अत्यन्त प्राचीन और सार्वभौमिक भाषा के रूप में प्रख्यात रही है। संस्कृत के पग पग में चिह्न हमें लोक कला में मिला करते हैं। हमारी पूजा पद्धति से लेकर लोक भाषा में भी संस्कृत के शब्द अनुस्यूत हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात वक्ता एवं वर्तमान में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चम्पावत के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. विनय विद्यालंकार जी ने कहा कि संस्कृत भाषा वैदिक काल से अविच्छन्न रूप से प्रवाहित होती रही है। हिमालयी भू भाग पूर्व से ही ऋषियों की कर्म स्थली रही है और आज भी संस्कृत का स्पष्ट प्रभाव यहां के निवासियों में भी दिखाई देता है।सारस्वत अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कृत डॉ कीर्तिवल्लभ शक्टा ने कहा कि द्वितीय राजभाषा के होने से उत्तराखण्ड और संस्कृत दोनों का महत्व बढ़ गया है। कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रो. संगीता गुप्ता, स्वामी विवेकानन्द राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट ने बताया कि उत्तराखण्ड के दोनों मण्डलों पर्याप्त मात्रा में रामायण एवं महाभारतकालीन साक्ष्य मिलते हैं। चम्पावत स्थित हिडिम्बा व घटोत्कच मन्दिर इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। कार्यक्रम के संयोजक डॉ कमलेश शक्टा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। राज्य संयोजक डॉ हरीश चन्द्र गुर्रारी ने अकादमी के द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्योें का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। सह संयोजक डॉ हेम चन्द्र तिवारी ने मुख्य वक्ता के विषय में श्रोताओं को जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम सदस्य डॉ भूप सिंह धामी ने सभी उपस्थित विद्वानों एवं प्राध्यापकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ अनीता टम्टा, डॉ लता कैड़ा, डॉ प्रकाश लखेड़ा सहित 40 छात्र छात्रायें उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम आनलाईन माध्यम से सम्पन्न हुआ।

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