रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : मुनस्यारी:मशरूम, लिगूंडा सहित जंगली सब्जियों की हो प्रयोगशाला में जांच
Laxman Singh Bisht
Sun, Jul 20, 2025
हिमालय में जहरीले हुए वनस्पतियों के अध्ययन को बने शोध आयोग
प्रत्येक गांव में संगोष्ठी करने का दिया सुझाव
मुनस्यारी बचाओ संघर्ष समिति ने एसडीएम के माध्यम से डीएम को भेजा पत्र।
मुनस्यारी। मुनस्यारी बचाओं संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पत्र लिखकर मशरूम, लिगूंडा सहित जंगली सब्जियों के सैंपल लेकर इनकी प्रयोगशाला में जांच किए जाने की मांग की। समिति ने हिमालय क्षेत्र में जहरीली हो रही वनस्पतियों के शोध के लिए शोध आयोग बनाने की मांग सरकार से की है। इसी के साथ आम जनता जंगली सब्जियों का उपयोग न करें इसके लिए प्रत्येक ग्राम सभा में एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित करने का भी सलाह दिया। आम जनता का आह्वान किया है कि वह जंगली सब्जियों का उपयोग न करें और अपने जीवन को कष्ट में ना डालें। पूर्व जिला पंचायत सदस्य तथा समिति के संयोजक जगत मर्तोलिया ने आज ईमेल से उप जिलाधिकारी मुनस्यारी द्वारा जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बेमौसम फल एवं फूल आदि उग रहे है, जो मानव समाज के लिए खतरे की घंटी है।
उन्होंने कहा कि पुरातन काल से हिमालय के लोग अपनी सोच और समझ से मशरूम, लिगूंडा आदि जंगली सब्जियों का उपयोग करते आ रहे थे। अचानक इस बीच जंगली सब्जियां जहरीले बनकर जानलेवा बन गई है। मशरूम खाने से ग्राम पंचायत धापा निवासी दो लोगों की जान चली गई। ग्राम पंचायत खासियाबाडा में चार लोग अस्वस्थ हो गए,जिनका इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि मशरूम, लिगूंडा सहित जंगली सब्जियों के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में इसकी जांच कराई जाए कि आखिर यह सब्जियां क्यों जानलेवा हो गई है।उन्होंने कहा कि हमारी संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में एक दिवसीय संगोष्ठी करने के लिए तैयार है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी मुनस्यारी को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण बहुत सी वनस्पतियां जहरीली हो गई होंगी, इस पर शोध के लिए उत्तराखंड सरकार को तत्काल एक शोध आयोग की स्थापना करनी चाहिए।
उन्होंने आम जनता का आह्वान किया कि जब तक शोध और शोध की रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती है, तब तक कोई भी जंगली सब्जियों का उपयोग न करें।