रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:पशु चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन कर स्ट्रीट डॉग व उसके नवजात पिल्लो की बचाई जान।
Laxman Singh Bisht
Sat, Nov 8, 2025
पशु चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन कर स्ट्रीट डॉग व उसके नवजात पिल्लो की बचाई जान।
60 किलोमीटर दूर भनोली से बेजुबा की जान बचाने लोहाघाट पशु चिकित्सालय लाए ग्रामीण।
भनोली(अल्मोड़ा) में न तो जनता को मिलती है चिकित्सा सुविधा और ना पशुओं को।
लोहाघाट पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक डॉक्टर जेपी यादव व डॉक्टर सुशोभित ने आज शनिवार को एक स्ट्रीट फीमेल डॉग का जटिल ऑपरेशन कर उसकी तथा उसके तीन नवजात पिल्लों की जान बचाई। पशु चिकित्सक डॉक्टर जे0पी यादव ने बताया अल्मोड़ा जिले के भनोली से जो लोहाघाट 60 किलोमीटर दूर है ।वहा के कुछ ग्रामीण इस फीमेल डॉग को लोहाघाट पशु चिकित्सालय लाए हुए थे ।डॉक्टर यादव ने बताया जब उनके द्वारा फीमेल डॉग का एक्स रे किया गया तो उसकी बच्चेदानी में चार बच्चे फंसे हुए थे।
डॉ यादव ने बताया फीमेल डॉग व उसके पिल्लों की जान बचाने के लिए उनके द्वारा तत्काल फीमेल डॉग का ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर यादव ने बताया फीमेल डॉग व उसके तीन पिल्ले सुरक्षित हैं तथा एक पिल्ले की मौत हो गई। डॉक्टर यादव ने बताया लोहाघाट पशु चिकित्सालय में एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड तकनीशियन की सख़्त जरूरत है ताकि पशुओं का उपचार आसानी से हो सके। मानवता का परिचय देने वाले ग्रामीण हेमचंद्र जोशी, कल्याण सिंह व नवीन कांडपाल ने बताया अल्मोड़ा जिले के भनोली में यह फीमेल डॉग रहती है। जिसकी हालत काफी खराब थी। ग्रामीणों ने कहा फीमेल डॉग की जान बचाने के लिए क्षेत्र के सभी ग्रामीणों ने उसकी जान बचाने के लिए चंदा कर धनराशि जमा की ।
उन्होंने कहा इसके बाद वह 60 किलोमीटर दूर लोहाघाट पशु चिकित्सालय लाए। जहा चिकित्सकों के द्वारा फीमेल डॉग का सफल ऑपरेशन कर उसकी व उसके तीन पिल्लों की जान बचाई। ग्रामीण हेमचंद्र जोशी ने बताया उनके कस्बे भनोली (अल्मोड़ा )में स्वास्थ्य सुविधाओं का घोर अभाव है ना तो लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिल पाती है ना ही पशुओं को। जिस कारण क्षेत्रीय जनता काफी परेशान है। उन्होंने शासन प्रशासन से भनौली में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की है। साथ ही बेजुबा की जान बचाने के लिए डॉक्टर जेपी यादव व उनकी टीम को धन्यवाद दिया। ग्रामीणों की इस नेक कार्य में लगभग 6 हजार की धनराशि खर्च हुई। ऑपरेशन में डॉक्टर जनक चंद और नवीन पुनेठा के द्वारा सहयोग किया गया।