Sunday 5th of July 2026

ब्रेकिंग

चंपावत:टनकपुर को रेल संपर्क की बड़ी सौगात, नांदेड एक्सप्रेस का होगा शुभारंभ

लोहाघाट:राय नगर चोड़ी में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम का कड़ा विरोध बैरंग लौटी ऊर्जा निगम की टीम।

टनकपुर:सीएम ने 65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का किया शिलान्यास

लोहाघाट /चंपावत की बेटियों ने किया कमाल 9 बालिकाओं का महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में हुआ चयन।

लोहाघाट:सफेद हाथी बना लाखों रुपए की लागत से लगा उप जिला चिकित्सालय का ऑक्सीजन जनरेट प्लांट। जनता के धन की बर्बादी

सूचना

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से लिखा खत -मांगों को पूरा करने के उठाई मांग।

Laxman Singh Bisht

Fri, Sep 26, 2025

.शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से लिखा खत -मांगों को पूरा करने के उठाई मांग।चंपावत। जिले में राजकीय शिक्षक संघ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहा है। लेकिन उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। जिससे नाराज राजकीय शिक्षक संघ प्रांतीय कार्यकारिणी के आव्वाहन पर रा0 शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष जगदीश सिंह अधिकारी के निर्देश पर लोहाघाट में शिक्षकों ने अपने शरीर से खून निकालकर खून की स्याही बनाकर प्रधानमंत्री मोदी के नाम अपनी मांगों को लेकर खून से लिखा हुआ ज्ञापन भेजा है। शुक्रवार को राजकीय शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष जगदीश सिंह अधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष सतीश गहतोड़ी ने बताया कि शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। जिसके बाद भी उनकी मांगों पर कोई भी कार्रवाई सरकार के द्वारा नहीं की गई है। कहा अब अंतिम पुकार के तौर पर शिक्षक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपने खून से ज्ञापन लिखकर भेज रहे है। उन्होंने कहा राज्य सरकार में उनकी कोई सुनवाई न होने के बाद अब उन्होंने केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाया है। अगर वहां से भी न्याय नहीं मिलता है तो सभी शिक्षक उग्र आंदोलन करेंगे और सड़कों पर डटे रहेंगे। शिक्षकों का कहना है कि प्रधानाचार्य सीधी भर्ती निरस्त करने के साथ ही शत प्रतिशत पदोन्नति करने सहित अन्य मांगों को लेकर वह लंबे समय से आंदोलन कर रहें हैं। शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले शिक्षकों के प्रति कोई रुचि नहीं ले रही है। जल्द सभी शिक्षक दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। और आगामी चुनाव में सरकार को शिक्षकों की ताकत का एहसास दिलाया जाएगा।

जरूरी खबरें