Friday 15th of May 2026

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टिहरी: अतिवृष्टि से बिलोंदी पुल में भारी मलवा आने से दुकानों में घुसा मलवा लोगों ने भाग कर बचाई जान

बाराकोटा: क्षेत्र पंचायत मनोज जोशी की भनार सड़क को पूर्ण रूप खोलने की मांग।

लोहाघाट:बलाई गांव में भारी ओला बष्टि से फलों व फसलों को भारी नुकसान।

देवीधुरा:सीएम धामी कल 16 मई को देवीधूरा में पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण प्रशिक्षण महा अभियान में होंगे शामिल

लोहाघाट:कानाकोट सलना सड़क में अवैध खनन का काम जोरों पर। ग्रामीणों की रोक लगाने की मांग।

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कुमाऊँ का डिजिटल बाज़ार: अब नौकरी, सेवाएँ, खरीद-बिक्री और मैट्रिमोनियल सब कुछ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए KumaonBazaar.com तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह एक ऐसा लोकल डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ नौकरी, बिज़नेस प्रमोशन, लोकल सेवाएँ, खरीद-बिक्री, पर्यटन और मैट्रिमोनियल जैसी कई सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं। Website: https://www.kumaonbazaar.com

आज के समय में लोग लोकल स्तर पर भरोसेमंद सेवाएँ और अवसर ढूँढना चाहते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए KumaonBazaar.com ने कुमाऊँ के लोगों के लिए एक आसान और उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया है।

युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम

कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं को अक्सर नौकरी खोजने के लिए बड़े शहरों या कई अलग-अलग वेबसाइट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। अब यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है क्योंकि KumaonBazaar Jobs Section पर लोकल और विभिन्न क्षेत्रों की जॉब्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। Jobs Link: https://www.kumaonbazaar.com/jobs

यहाँ कंपनियाँ और बिज़नेस अपने जॉब पोस्ट कर सकते हैं, जबकि नौकरी तलाश रहे उम्मीदवार आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इससे लोकल टैलेंट को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

मैट्रिमोनियल सेवा से आसान रिश्ते

आजकल लोग सुरक्षित और भरोसेमंद मैट्रिमोनियल प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में रहते हैं। KumaonBazaar Matrimony कुमाऊँ समाज के लोगों के लिए एक विशेष सुविधा लेकर आया है जहाँ परिवार अपनी प्रोफाइल बनाकर रिश्तों की तलाश कर सकते हैं। Matrimony Link: https://www.kumaonbazaar.com/matrimony

यह सेवा खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अपने समाज और क्षेत्र में अच्छे रिश्ते ढूँढना चाहते हैं।

लोकल सेवाओं और बिज़नेस को मिलेगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कुमाऊँ के छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए KumaonBazaar Services एक बेहतरीन अवसर बनकर उभर रहा है। Services Link: https://www.kumaonbazaar.com/services

यहाँ इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, टूर सर्विस, एजेंसी, फ्रीलांसर, दुकानदार और अन्य सेवा प्रदाता अपनी सेवाओं को ऑनलाइन प्रमोट कर सकते हैं। इससे लोकल बिज़नेस को डिजिटल पहचान मिलने के साथ-साथ ग्राहकों तक पहुँचने में आसानी होगी। खरीद-बिक्री और लोकल विज्ञापन की सुविधा प्लेटफ़ॉर्म पर Buy & Sell सेक्शन भी उपलब्ध है जहाँ लोग अपने प्रोडक्ट्स या सामान को ऑनलाइन पोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा बिज़नेस प्रमोशन और लोकल विज्ञापनों के लिए भी सुविधा दी जा रही है, जिससे छोटे व्यवसाय कम लागत में अपनी पहुँच बढ़ा सकते हैं। पर्यटन और लोकल जानकारी का भी केंद्र कुमाऊँ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। KumaonBazaar.com पर पर्यटन से जुड़ी जानकारी, होटल, ट्रैवल सेवाएँ और लोकल बिज़नेस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिल सकता है। डिजिटल उत्तराखंड की ओर एक कदम डिजिटल इंडिया के दौर में लोकल प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। KumaonBazaar.com कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों, युवाओं और व्यापारियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम कर रहा है। यह प्लेटफ़ॉर्म आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और लोकल नेटवर्किंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम में रिकॉर्ड तोड़ नामांकन छात्र संख्या 50 के पार।

Laxman Singh Bisht

Sun, Apr 13, 2025

शैलेश मटियानी पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेश जोशी की मेहनत लाई रंग 2023 में 16 2024 में 17 और 2025 में 20 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश।एक और जहा सरकारी विद्यालय छात्र संख्या के अभाव में बंद हो रहे हैं वही भारत नेपाल सीमा से लगे लोहाघाट विकासखंड के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम ने इस शैक्षणिक सत्र में भी नामांकन के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कक्षा 6 में 20 बच्चों के प्रवेश से विद्यालय की कुल छात्र संख्या 53 पहुंच गई है, जो कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या के बीच एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस उपलब्धि के पीछे विद्यालय के समर्पित शिक्षक नरेश जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए उन्हें "शैलेष मटियानी पुरस्कार" से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपने विद्यालय को केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल विकास का केंद्र बना दिया है। उनकी नवीन शिक्षण विधियों और व्यक्तिगत मार्गदर्शन ने अभिभावकों का विश्वास बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में बच्चों का नामांकन हुआ।विद्यालय को लोकप्रिय बनाने हेतु श्री जोशी ने रचनात्मक शिक्षण के द्वारा पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ प्रायोगिक और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया।स्मार्ट क्लास और तकनीकी के उपयोग से बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाने के लिए स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई, जिससे उनकी रुचि और सीखने की क्षमता बढ़ी। इसके अतिरिक्त सामुदायिक भागीदारी हेतु स्थानीय समुदाय और अभिभावकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया गया, जिससे शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी। साफ-सुथरा और प्रेरणादायक विद्यालय परिसर होने से विद्यालय का वातावरण ऐसा बनाया गया कि बच्चे स्वयं विद्यालय आने के लिए प्रेरित होंने लगे।निःशुल्क पाठ्य सामग्री और पोषण योजना से विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं के तहत उचित संसाधन उपलब्ध कराए गए, जिससे वे निर्बाध रूप से पढ़ाई जारी रख सकें।

विद्यालय में पढ़ रहे छात्रों ने बताया कि पहले उन्हें पढ़ाई में रुचि नहीं थी, लेकिन जब से नई शिक्षण विधियाँ अपनाई गई और उनको विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग कराया जाने लगा तो वे स्कूल आने के लिए उत्साहित रहते हैं। वहीं, अभिभावकों ने भी कहा कि सरकारी विद्यालय में इस तरह का वातावरण मिलना एक सुखद आश्चर्य है, जिससे उनका भरोसा बढ़ा है।

नरेश जोशी और उनकी टीम के शिक्षक सुभाष चंद्र कृष्ण कुमार चौबे एसएमसी अध्यक्ष मोहन सिंह की इस मेहनत ने यह साबित कर दिया है कि यदि शिक्षकों की इच्छाशक्ति और समर्पण प्रबल हो, तो सरकारी स्कूल भी निजी स्कूलों को टक्कर दे सकते हैं। उनकी इस सफलता की चर्चा अब अन्य स्कूलों में भी हो रही है, और कई शिक्षक इस मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम की यह उपलब्धि सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक प्रेरणास्रोत है। शिक्षक नरेश जोशी की मेहनत और नवाचार ने यह दिखा दिया है कि अगर सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो सरकारी स्कूलों को भी गुणवत्ता की दृष्टि से श्रेष्ठ बनाया जा सकता है।विद्यालय में केवल तीन अध्यापक ही कार्यरत हैं। बढती छात्र संख्या के कारण फर्नीचर और एक अतिरिक्त कक्ष की नितांत आवश्यकता है।

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