रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:नेता आए फोटो खिंचाई और चलते बने पर किसी ने नहीं ली सुध बुजुर्ग त्रिलोकी देवी की।
Laxman Singh Bisht
Fri, Oct 17, 2025
नेता आए फोटो खिंचाई और चलते बने पर किसी ने नहीं ली सुध बुजुर्ग त्रिलोकी देवी की।
गंभीर हालत में लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में भर्ती त्रिलोकी देवी के दो जवान बेटों की हो चुकी है मौत ,विधवा बहू कैंसर से जूझ रही है। आर्थिक तंगी के चलते नाती ने छोड़ दिया है स्कूल। खाने के पड़े हैं लाले
ग्रामीणों की जिलाधिकारी चंपावत से इस परिवार की मदद करने की गुहार।
लोहाघाट ब्लॉक के धोनी सीलिंग ग्राम सभा के (सनकाफल) की रहने वाली बुजुर्ग महिला त्रिलोकी देवी गंभीर हालत में लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय भर्ती है। ग्रामीण हरीश गिरी व दयाल सिंह ने बताया इनके दो बेटों की मौत हो चुकी है और उनकी विधवा बहू सरिता देवी कैंसर की बीमारी से जूझ रही है जो वर्तमान में गांव में ही है ।ग्रामीणों ने कुछ चंदा कर उपचार कराया लेकिन अब ऋषिकेश एम्स से वापस भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया त्रिलोकी देवी के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है ।जिसके चलते इनके नाती ने 12 के बाद स्कूल छोड़ दिया है। अन्य नाती भी छोटे ही है। परिवार में खाने तक के लाले पड़े हुए हैं। ग्रामीणों के द्वारा इस परिवार की मदद की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा किसी भी प्रकार की शासन व प्रशासन से इस परिवार को अभी तक मदद नहीं मिल पाई है ।इस परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है । और इस परिवार को मदद की सख़्त आवश्यकता वर्तमान में है बुजुर्ग त्रिलोकी देवी की नवासी के द्वारा अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ त्रिलोकी देवी का अस्पताल में ख्याल रखा जा रहा है और ग्रामीण भी त्रिलोकी देवी की मदद को आगे आ रहे हैं। वही आज केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के लिए पहुंचे ।पर किसी के द्वारा बुजुर्ग त्रिलोकी देवी की सुध नहीं ली गई कि उनके परिवार का भरण पोषण कैसे चल रहा है। उनके पास उपचार के लिए पैसे हैं या नहीं है और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल पा रहा है या नहीं। उनके परिवार के बच्चे स्कूल जा रहे हैं या नहीं जबकि टम्टा इसी क्षेत्र के सांसद भी हैं और उनकी यह जिम्मेदारी भी बनती है। लोगों ने कहा भाजपा के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी के निर्देश पर सेवा पखवाड़ा मनाया गया । इसका उद्देश्य भी यही था कि क्षेत्र के अंतिम छोर पर बैठे गरीब से गरीब व्यक्ति को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले और उनके आर्थिक स्तर को सुधारा जाए गरीबों की सुध ली जाए और उनकी मदद की जाए। पर यहा ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया
ना तो केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ना उनके साथ पहुंचे भाजपा के किसी भी दिग्गज ने बुजुर्ग त्रिलोकी देवी व उनके परिवार की सुध ली। वहीं लोगों ने कहा नेताओं का काम सिर्फ फोटो खींचाने तक सीमित रह गया है। गरीबों की मदद किसी के द्वारा नहीं की जाती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार से इस परिवार की मदद करने की गुहार लगाई है। अब देखना है प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और इस परिवार की मदद करता है। क्योंकि जनता का नेताओं से विश्वास उठता जा रहा है। लोगों ने कहा अगर यही इलेक्शन का टाइम होता तो कई नेता त्रिलोकी देवी के घर पहुंच कर उनके परिवार की आर्थिक मदद करते नजर आते। फिलहाल ग्रामीण अपनी ओर से त्रिलोकी देवी के परिवार की मदद करने में लगे हुए हैं। अब देखना है जनप्रतिनिधियों का जमीर कब जागता है और वह इस परिवार की मदद को आगे आते हैं।