रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:कैलाश मानसरोवर श्रद्धालुओ का पहला दल पहुंचा टनकपुर , 51 सदस्यीय प्रथम दल का हुआ पारंपरिक भव्य स्वागत
Laxman Singh Bisht
Sat, Jul 4, 2026
कैलाश मानसरोवर श्रद्धालुओ का पहला दल पहुंचा टनकपुर , 51 सदस्यीय प्रथम दल का हुआ पारंपरिक भव्य स्वागत

रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूजा-अर्चना के उपरांत हरी झंडी दिखाकर प्रथम दल को करेंगे रवाना।

उत्तराखंड से होकर संचालित हो रही पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ टनकपुर से हो गया है। शनिवार सायंकाल यात्रा का पहला 51 सदस्यीय दल पर्यटक आवास गृह (टीआरसी), टनकपुर पहुँचा, जहां देवभूमि की परंपरा के अनुरूप तीर्थयात्रियों का छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं एवं आत्मीय अभिनंदन के साथ भव्य स्वागत किया गया।शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि प्रथम दल में एक चिकित्सक सहित कुल 51 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 36 पुरुष एवं 15 महिला श्रद्धालु हैं। यात्रियों के सम्मान में शनिवार सायंकाल सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि *प्रथम दल में आंध्र प्रदेश से 2, दिल्ली से 7, गुजरात से 3, हरियाणा से 3, झारखंड से 1, कर्नाटक से 2, मध्य प्रदेश से 1, महाराष्ट्र से 9, राजस्थान से 13, तमिलनाडु से 3, तेलंगाना से 1, उत्तर प्रदेश से 5 तथा उत्तराखंड से 1 तीर्थयात्री शामिल हैं।* यह दल देश की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय एकता एवं भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है।दल के साथ तमिलनाडु से डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में सम्मिलित हैं। राजस्थान निवासी 68 वर्षीय श पुरुषोत्तम खंडेलवाल इस दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं। यह इस बात का प्रतीक है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रति श्रद्धा और उत्साह हर आयु वर्ग के लोगों में समान रूप से विद्यमान है।रविवार, 5 जुलाई को प्रातः 8 बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शारदा पर्यटक आवास गृह, टनकपुर में विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना करेंगे।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है। इससे सीमांत जनपद चम्पावत को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है।

साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन, परिवहन, होटल व्यवसाय एवं रोजगार के अवसरों को भी उल्लेखनीय बढ़ावा प्राप्त हो रहा है।"हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से गुंजायमान टनकपुर में शिवभक्तों के प्रथम जत्थे के आगमन के साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा का उत्साह चरम पर है। देवभूमि उत्तराखंड भगवान शिव के भक्तों के स्वागत के लिए पूरी श्रद्धा, संस्कृति और आतिथ्य भाव के साथ तैयार है।