रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने त्यागे प्राण राम को मनाने भरत शत्रुघ्न पहुंचे बन।
Laxman Singh Bisht
Sun, Sep 28, 2025
पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने त्यागे प्राण राम को मनाने भरत शत्रुघ्न पहुंचे बन।
लोहाघाट रामलीला देखने सैकड़ो की तादाद में पहुंचे दर्शक।
लोहाघाट ।नगर में श्री राम सेवा सांस्कृतिक कमेटी अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता के दिशा निर्देश पर चल रही रामलीला का आनंद लेने दूर-दूर क्षेत्र से सैकड़ो की तादात में दर्शक पहुंच रहे हैं। लोहाघाट रामलीला मंच में छठे दिन की लीला का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी व लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियो के द्वारा किया गया। लीला में बड़े भावुक दृश्यो का मंचन किया गया। मंत्री सुमंत का राम लक्ष्मण और सीता को वन छोड़ने के बाद निराश होकर वापस अयोध्या पहुंचना।
पुत्र वियोग में राजा दशरथ के द्वारा अपने प्राण त्यागना, पिता की मृत्यु का समाचार सुन भरत और शत्रुघ्न का अपने ननिहाल से वापस अयोध्या पहुंचना, पिता की मृत्यु पर विलाप करना तथा श्री राम लक्ष्मण व माता सीता के बनवास पर माता कैकई पर क्रोधित होना तथा शत्रुघ्न के द्वारा दाशी मंथरा को लातों से मारना तत्पश्चात श्री राम को वापस अयोध्या लाने के लिए तीनों माताओ के साथ भरत व शत्रुघ्न का वन में जाना तथा प्रभु श्री राम से वापस अयोध्या चलने की प्रार्थना करना जिस पर प्रभु राम के द्वारा पिता की आज्ञा के तहत वापस अयोध्या लौटने से मना करना इसके बाद भरत के द्वारा प्रभु राम की चरण पादुकाओं को लेकर निराश होकर अयोध्या लौटने की भावुक लीला का शानदार मंचन किया गया।
सैकड़ो की तादात में रामलीला देखने पहुंचे दर्शकों के द्वारा कलाकारों के शानदार अभिनय की सराहना की गई। संचालन शिक्षक नरेश राय के द्वारा किया गया। लीला में प्रहलाद सिंह मेहता , भूपाल मेहता ,डी डी पांडे, अजय कलखुड़िया ,आनंद पुजारी ,दीपक सुतेरी , दानू सुतेरी ,जीवन कलोनी , कैलाश बगौली ,कीर्ति बगौली, लोकेश पांडे सहित कई लोग मौजूद रहे। मालूम हो इस वर्ष लोहाघाट की रामलीला अपने 125 वर्ष में प्रवेश कर चुकी है।