Wednesday 8th of July 2026

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लोहाघाट:डीएम के निर्देश पर लोहाघाट में अवैध अतिक्रमण पर चला प्रशासन का पीला पंजा।

लोहाघाट:अज्ञात मृत व्यक्ति की शिनाख्त के लिए चंपावत पुलिस की जनता से अपील।

चंपावत :मंदिरों में चंदा चोरी मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ गोल्ज्यू मंदिर में रखा उपवास।

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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट: गीतों व एल्बम के माध्यम से पलायन रोकने व युवा पीढ़ी को पहाड़ों में खेती करने के लिए जागरुक कर रही है हेमा बिष्ट

Laxman Singh Bisht

Sat, Jul 19, 2025

अपने बच्चों के आने का इंतजार करती रहती हैं गांव में रह रहे माता-पिता की आंखें ।

स्थानीय कलाकारों को मिल रहा है मौका।लोहाघाट।आजकल उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रो में पलायन व बंजर पढ़ती खेती बाड़ी बड़ी समस्या बन चुकी है। पलायन से गांव के गांव वीरान तथा खेत बड़ी तेजी से बंजर होते जा रहे हैं ।तो वही पहाड़ों से हो रहे पलायन व युवाओं के द्वारा खेती-बाड़ी की ओर ध्यान न देने की समस्या पर कार्य कर रही है लोहाघाट के डेसली गांव की हेमा बिष्ट ।42 साल मुंबई में रही हेमा बिष्ट व उनके पति रमेश बिष्ट रिवर्स पलायन करते हुए अपने गांव लौटे है। जहा वह ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को वह अपनी पारंपरिक खेती की ओर जोड़ने के प्रयास कर रही है। हेमा बिष्ट अपने गीतों ,एल्बमों व जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को खेतीबाड़ी से जुड़ने व पलायन न करने का आग्रह कर रही है ।इस कार्य में उनका सहयोग डायरेक्टर राकेश मधुसूदन व उनके पति रमेश बिष्ट के द्वारा किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। हेमा बिष्ट ने कहा पहाड़ के अधिकतर युवा अपने पूर्वजों की खेती-बाड़ी छोड़ महानगरों में छोटी-छोटी नौकरियों कर काफी कठिनाई भरा जीवन बिता रहे हैं ।उन्होंने कहा उनका उद्देश्य युवाओं को वापस पहाड़ की ओर लाकर अपनी पारंपरिक खेती बाड़ी से जोड़ना है। ताकि युवा यही खेतीबाड़ी कर अच्छा रोजगार प्राप्त कर सके कहा सरकार ने भी पलायन पर गंभीर होकर गांव को शिक्षा चिकित्सा व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ना होगा ताकि इस समस्या का समाधान हो का सरकार के दौरान संचालित की गई है।उन्होंने कहा व गीतों व एल्बमों के माध्यम से इस कार्य में लगी हुई है यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी उन्होंने युवाओं से गांव से पलायन न कर अपनी पारंपरिक खेती से जुड़ने की अपील की है। मालूम हो आजकल उत्तराखंड के युवा तेजी से गांव को छोड़कर रोजगार की तलाश में महानगरों में भटक रहे हैं। तथा अपने बच्चों की शिक्षा दीक्षा के लिए शहरों की ओर आ चुके हैं ।जिसके चलते गांव के गांव पलायन की मार झेल रहे। और गांव में रह रहे बुजुर्ग अपने बच्चों के आने का इंतजार करते नजर आते हैं। सरकार को इस समस्या गंभीरता से कार्य करना होगा अन्यथा एक दिन पहाड़ों से गांवो का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। वहीं कई फिल्मों व एल्बम का निर्माण कर चुके डायरेक्टर राकेश मधुसूदन ने बताया इस एल्बम का नाम है गए सूबा आज की बहू और कहा नई जनरेशन पहाड़ के युवा खेती करने के बारे मे नहीं जान रहे इस पहाड़ी गीत में ये दिखाया गया है कि नई पीढ़ी आगे आए अपने खेतों को उपजाऊ करे कृषि को पहचाने अपने पहाड़ को पहचाने ये तुम्हारे पहाड़ छै। इस आवाद करें और गांव से पलायन ना करें।डायरेक्टर राकेश मधुसूदन ने बताया एल्बम की प्रोड्यूसर हेमा बिष्ट, सिंगर संतोष कोहली,म्यूजिक विक्की जुयाल, और आर्टिस्ट प्रियांशु सिंह ढेक ,अंकिता जोशी व अन्य स्थानीय कलाकार है।

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