रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:ढोल नगाड़ों व हजारों भक्तों के साथ मां झूमांधूरी मंदिर पहुंचे मां भगवती व महाकाली के डोले।
Laxman Singh Bisht
Sun, Aug 31, 2025
..ढोल नगाड़ों व हजारों भक्तों के साथ मां झूमांधूरी मंदिर पहुंचे मां भगवती व महाकाली के डोले।
निसंतान दंपतियों की गोद भरती है मां झूमा।
हजारों की तादाद में पहुंचे भक्तों ने लिया मां का आशीर्वाद। मा के जयकारों से गूंजी झूमाधूरी की पहाड़ियां।
आइटीबीपी कमांडेंट संजय कुमार रहे समापन समारोह के मुख्य अतिथि।
आईटीबीपी ने लगाया स्वास्थ्य शिविर
व्यापारियों का व्यापार हुआ अच्छा व्यापारियों के खिले चेहरे।
लोहाघाट के मां झूमांधूरी मंदिर में पाटन पाटनी व राइकोट महर व कुंवर गांव के सहयोग से चल रहे चार दिवसीय मां झूमाधूरी महोत्सव के अंतिम दिन आज रविवार 31 अगस्त को पाटन पाटनी और राइकोट महर व कुंवर गांव से मां भगवती व मां महाकाली की भव्य डोला रथ यात्रा निकाली गई। हजारों भक्तों के साथ मां के जयकारों व ढोल नगाड़ों के बीच मां भगवती व मां महाकाली के डोलो को भक्तों ने रस्सों के सहारे तीन किलोमीटर खड़ी दुर्गम चढ़ाई पार कर मां भगवती के मंदिर पहुंचाया । सबसे पहले पाटन पाटनी का देवी रथ मंदिर पहुंचा उसके बाद राइकोट का देवी रथ जहां दोनों देवी रथों ने मां भगवती मंदिर की परिक्रमा की
इस दौरान मंदिर में हजारों भक्त मौजूद रहे देवी रथों के पीछे महिलाएं मां के जयकारे लगाते हुए चल रही थी। युवाओं ने काफी जोश खरोस के साथ देवी रथों को मंदिर पहुंचाया। पाटन पाटनी के देवी रथ में मां भगवती के रूप में धन सिंह पाटनी व विनीत पाटनी विराजमान थे तो वही राइकोट के देवी रथ में मां भगवती के रूप में दान सिंह महर तथा मां महाकाली के रूप में राधा महर विराजमान थीं ।हजारों की तादाद में पहुंचे भक्तों ने मां भगवती का आशीर्वाद लिया। मान्यता है मां झूमा निसंतान दंपतियों की गोद भरती है कई निसंतान दंपत्ति मां के दरबार में संतान प्राप्ति का आशीर्वाद लेने पहुंचे हुए थे
शनिवार की रात को रात्रि जागरण का मंदिर में आयोजन किया गया था। मेला कमेटी अध्यक्ष मोहन चंद्र पाटनी ने कहा मां झूमां की कृपा से महोत्सव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने महोत्सव की अपार सफलता के लिए समस्त क्षेत्रीय जनता, ग्राम प्रधान ,प्रशासन व सहयोगियों को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने झूमाधुरी मेले को राजकीय मेला घोषित करने की भी मांग की। वही खाल मैदान में दूर-दूर से पहुंचे व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजाई हुई थी जहां हजारों की तादाद में लोगों ने जमकर खरीदारी की तथा मेले का भरपूर आनंद लिया व्यापार अच्छा होने से सभी व्यापारियों के चेहरे खिले नजर आए।
शांति सुरक्षा व्यवस्था के लिए थानाध्यक्ष लोहाघाट अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस ने वनवे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की थी। मेले के समापन के साथ ही चार दिनी देवी महोत्सव का भव्य समापन हुआ। आज मेले के समापन समारोह के मुख्य अतिथि आईटीबीपी के कमांडेंट संजय कुमार रहे इस अद्भुत मेल को देख आइटीबीपी कमांडेंट संजय कुमार उनकी धर्मपत्नी मंत्र मुग्ध हो गए। कहा ऐसा भव्य व दिव्य मेला उन्होंने आज तक नहीं देखा।
कहा यह धार्मिक मिले हमारी संस्कृति की पहचान है उन्होंने भव्य आयोजन के लिए महोत्सव कमेटी व क्षेत्रीय ग्रामीणों की सराहना की। कमांडेंट के निर्देश पर आईटीबीपी के द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया था। मालूम हो झूमाधुरी मेला लगभग 150 वर्ष पुराना मेला है। महोत्सव कमेटी व ग्रामीणों के प्रयासो से आज इस मेले ने अपनी अलग पहचान बना ली है। मेले में अब काफी विशाल रूप ले लिया है। अब इस मेले को राज की मेला घोषित करने का समय आ चुका है
प्रशासन वह सरकार ने अब मेले को राजकीय मेला घोषित करना चाहिए ताकि मेला और भी ज्यादा भव्य व दिव्य रूप ले सके।







