रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट: चमदेवल के जिंडी में गोरा गायन की मची धूम। महाभारत व रामायण कालीन गाथाओं का हुआ गायन।
Laxman Singh Bisht
Sun, Aug 31, 2025
जिंडी में गोरा गायन की मची धूम। महाभारत व रामायण कालीन गाथाओं का हुआ गायन।
गौरा गायन को लेकर बुजुर्गों में जोश।
सीमांत क्षेत्रों में गौरा गायन की मची धूम।
मां पार्वती के अपने मायके आने की खुशी में किया जाता है गोरा गायन।
लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा से लगे चमदेवल के जिन्डी गांव में आठ दिनी गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है । गौरा गायन में रामायण व महाभारत कालीन गाथाओ का गायन ग्रामीणों के द्वारा किया जा रहा है। आज रविवार को द्वितीय दिवस का शुभारंभ गीतांजलि सेवा संस्थान अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश चंद्र पांडेय ने किया तथा अपनी संस्कृति व पूर्वजों की धरोहर को बचाने के लिए ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की। जिंडी का गौरा महोत्सव पूरे जिले में काफी प्रसिद्ध है। गौरा महोत्सव में शामिल होने बड़ी तादात में प्रवासी गांव पहुंचे हुए हैं तथा गौरा गायन का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। गौरा गायन को लेकर गांव के बुजुर्गों व मातृशक्ति में काफी जोश है। नेपाल सीमा से लगे सुल्ला, पासम सहित कई क्षेत्रों में गांव की महिलाओं व पुरुषों के द्वारा गौरा गायन किया जा रहा है।
मान्यता के अनुसार मां पार्वती के अपने मायके आने की खुशी में गोरा गायन किया जाता है। आज कार्यक्रम का संचालन कल्याण चंद के द्वारा किया गया।इस दौरान पंडित मदन कलोनी,राहुल धामी ,पुष्कर चंद ,तारा चंद, गुमान चंद ,डुंगर सिंह सामंत, गणेश चंद ,ग्राम प्रधान गुमान राम, हयात राम ,गोपाल राम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।