Sunday 28th of June 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट मे पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत। पालिका अध्यक्ष ने किया शुभारंभ

चंपावत:29 जून को मुख्यमंत्री का चंपावत दौरा जिला चिकित्सालय में एमआरआई मशीन का करेंगे लोकार्पण

सजग इंडिया के अध्यक्ष ललित जोशी को मिला भारत सरकार का ‘नशा मुक्त मित्र अवार्ड 2026

चंपावत:डीएम के निर्देश पर जिले के शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, होटलों और मॉल का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट

चंपावत:खेतीखान में पर्यटन विकास हेतु धनराशि को अन्यत्र स्थानांतरित करने पर नाराजगी।

सूचना

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : नैनीताल हाईकोर्ट में पाकिस्तानी सिख परिवार को सरकार के 24 घण्टे मे देश छोड़ने के आदेश को चुनोती देती याचिका पर सुनवाई

Laxman Singh Bisht

Wed, Jun 17, 2026

हाईकोर्ट में पाकिस्तानी सिख परिवार को सरकार के 24 घण्टे के भीतर देश छोड़ने के आदेश को चुनोती देती याचिका पर हुई सुनवाई

उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल ने देहरादून के बंसत बिहार में वर्ष 2019 से लोंग टाईम बीजा पर रह रहे एक पाकिस्तानी सिख परिवार को सरकार के द्वारा 24 घण्टे के भीतर देश छोड़ने के आदेश को चुनोती देती याचिका पर सुनवाई हुई। आज हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की और से कोर्ट से मामले की जांच के लिए समय की मांग की गई। जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को समय देते हुए चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 11 अगस्त की तिथि नियत की है। कोर्ट ने देश को खतरा न होने की स्थिति में लगी रोक को अगली तिथि तक जारी रखा है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तून के रहने वाला सिख परिवार वर्ष 2019 में लॉंग टाईम बीजा पर मनजीत अपने परिवार के साथ भारत आया था। उसने वर्ष 2024 और दिसम्बर 2026 को अपने लांग टाईम बीजा की अवधि बढ़ा ली। बीते 31 मई को राज्य सरकार ने उसे 24 घण्टे का नोटिस देकर देश छोड़ने को कहा । यह नोटिस उसे 2 जून को प्राप्त हुआ। सरकार के आदेश को मनजीत के द्वारा उच्च न्यायलय नैनीताल में चुनोती दी गयी। याचिका में कहा गया कि अभी उसके बीजा की अवधि समाप्त नही हुई है उसके तीन बच्चे है ।

बडी लडक़ी बीटेक और दूसरी लड़की बीडीएस कर रही और लड़का छोटा है। इसलिए उसे वीजा की अवधि तक भारत मे रहने दिया जाय। वहीं सुनवाई पर राज्य सरकार की और से कहा गया कि जहां पर मनजीत का परिवार रहता है वहाँ पर आईटीबीपी का मुख्यालय भी है। जिससे कि देश को खतरा हो सकता है। इसलिए उसे पाकिस्तान वापस भेजा जाय। अब मामले मे क्या फैसला हाई कोर्ट देती है यह अगली सुनवाई में पता चल पाएगा।

जरूरी खबरें