रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट रामलीला में हनुमान ने लंका का किया दहन।वानर सेना पहुंची लंका। हजारों की तादात में पहुंच रहे हैं द
Laxman Singh Bisht
Wed, Oct 1, 2025
.लोहाघाट रामलीला में हनुमान ने लंका का किया दहन।वानर सेना पहुंची लंका।
हजारों की तादात में पहुंच रहे हैं दर्शक
लोहाघाट।श्री राम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी लोहाघाट के अध्यक्ष जीवन मेहता के दिशा निर्देश पर चल रही शानदार रामलीला में हजारों की तादात में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। बीते दिन हुई रामलीला का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश मंत्री निर्मल महरा पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, हरगोविंद बोहरा ,सुभाष बगोली, महेश बोहरा ,किशोर जोशी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। लीला मे रावण के द्वारा अशोक बाटिका में जाकर माता सीता को धमकाना, रावण के जाने के पश्चात त्रिजटा के द्वारा सीता को ढाढस बधाना, हनुमान के द्वारा प्रभु राम की दी गई मुद्रिका को सीता के सामने फेंकना तथा माता सीता के सामने प्रकट होकर अपना परिचय देना
तथा प्रभु राम की कुशल माता सीता को बताना तत्पश्चात माता सीता से अशोक वाटिका से फल खाने की आज्ञा मांगना और अशोक वाटिका को तहस नहस कर राक्षसों को मारना तपश्चात अक्षय कुमार हनुमान युद्ध में हनुमान के द्वारा अक्षय कुमार का बध करना , रावण के द्वारा अपने पराक्रमी पुत्र मेघनाथ को हनुमान को बंदी बनाने का आदेश देना ,मेघनाथ हनुमान युद्ध में मेघनाथ के द्वारा नागपास में हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में पेश करना, रावण दरबार में हनुमान और रावण के बीच गरमा गरम संवाद तत्पश्चात रावण के द्वारा सैनिकों को हनुमान की पूंछ में आग लगाने के निर्देश देना पूंछ में आग लगने के बाद हनुमान के द्वारा लंका दहन कर वापस अशोक वाटिका जाकर माता सीता से मुलाकात कर प्रभु राम के लिए अपनी निशानी देना की बात कहना और निशानी लेकर माता सीता से आज्ञा लेकर वापस प्रभु राम के पास पहुंचना और माता सीता की निशानी उन्हें दिखाना। प्रभु राम के द्वारा वानर सेना को लंका में चढ़ाई करने के निर्देश देना और नल नील के द्वारा समुद्र में पत्थरों का पुल बाध कर सेना को लंका पहुंचाना तथा विभीषण के द्वारा लंका पति को समझाने का प्रयास करना और रावण के द्वारा विभीषण को लात मार कर लंका से बाहर निकलना और विभीषण का प्रभु राम की शरण में पहुंचना,
श्री राम के द्वारा विभीषण को लंका का राजा घोषित कर राज तिलक करने तक की लीला का मंचन किया गया लीला को देखने हजारों की तादाद में दर्शक पहुंच रहे हैं। लीला में जीवन गहतोड़ी ,विनोद गोरखा ,दीप जोशी, आनंद पुजारी, दीपक सूतेड़ी, शिक्षक नरेश चंद्र राय, अमित शाह ,संजय चौबे, संजय फर्त्याल , अजय कलखुरिया, नवीन बोहरा,क्षितिज जुकरिया भूपाल सिंह मेहता, जगदीश जोशी, जीवन कलोनी , दानू सूतेड़ी ,सतीश राजन राजेंद्र राय सहित कई लोगों के द्वारा सहयोग किया जा रहा है।