Color Heading... : हल्द्वानी:सब्जी के दामों में 50% तक की गिरावट जनता को बड़ी राहत।
Laxman Singh Bisht
Wed, Nov 5, 2025
सब्जी के दामों में 50% तक की गिरावट जनता को बड़ी राहत।
सब्जियों के आसमान छूते दामों से आम आदमी को राहत मिली है। हल्द्वानी की बात करें तो बाजार में सब्जियों की कीमत में करीब 50 से 60% तक की कमी आई है। सब्जी कारोबारियो का कहना है कि बरसात के बाद खेतों में भरपूर सब्जियां तैयार हो गई है जिसके चलते बाजारों में सब्जी के दाम में काफी कमी आई है ।पिछले एक सप्ताह पहले जहां सब्जियां खरीदने के लिए लोगों को भारी भरकम जेब को ढीला करना पड़ता था लेकिन मंडियों में सब्जियों की आवक और दाम में कमी के चलते अब लोग जमकर सब्जियों की खरीदारी कर रहे हैं ।उत्तराखंड की सबसे बड़ी हल्द्वानी सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम में बड़ी कमी देखी गई है ।सब्जी कारोबारियो की माने तो सब्जी के दामों में 50% से लेकर 60% तक की कमी आई है ।बरसात के बाद अधिक उत्पादन के कारण सब्जियों के दाम में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। यही कारण है कि ग्राहकों को सब्जियां काफी कम दामों पर उपलब्ध हो रही है जहां कुछ दिन पहले तक सब्जियों के दाम आसमान छू रहे थे अचानक बड़ी ठंड के कारण सब्जियों के दाम में भी कमी आ रही है ।छोटे परिवार की बात करें तो पहले सब्जियों से थैला भरने के लिए₹500 रुपए लेकर बाजार जाना पढ़ता था लेकिन अब ₹100 में लोग थैला भरकर सब्जी ला रहे हैं ।खुदरा सब्जी मंडी में अधिकांश सब्जियों के दाम में काफी कमी आ गई है क्योंकि मांग से अधिक बाजार में सब्जी उपलब्ध है इस कारण सब्जियों के दाम में भारी गिरावट दर्ज की गई। एक सप्ताह पहले जहां गोभी 60 से 70 रुपए किलो बिक रही थी वही अब ₹20 किलो बिक रही है, 40 से 50 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर अब 20 से 30 रुपए किलो में बिक रहा है, 30 से ₹40 किलो बिकने वाली भिंडी 20 से ₹25 किलो बिक्री है ,₹60 किलो बिकने वाली शिमला मिर्च 25 से 30 रुपए में बिक रही है, 125 से 150 रुपए किलो बिकने वाली बीन सब्जी 70 से 80 रुपए किलो में आ गई है, ₹200 किलो बिकने वाली मटर अब ₹100 किलो में बिक रही है तथा 30 से 35 रुपए किलो बिकने वाली लौकी आप 10 से 15 रुपए किलो बिक रही है ।हरी मिर्च की बात करें तो ₹80 किलो बिकने वाली हरी मिर्च अब 20 से 30 रुपए किलो बिक रही है जिस कारण जनता को बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है। इसके बावजूद भी पहाड़ों में सब्जियों के दाम चढ़े हुए हैं।