रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चम्पावत के कृषक विनोद सिंह ने प्रस्तुत की आधुनिक उद्यानिकी की नई मिसाल
Laxman Singh Bisht
चम्पावत के कृषक विनोद सिंह ने प्रस्तुत की आधुनिक उद्यानिकी की नई मिसाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्वतीय कृषि बन रही आत्मनिर्भरता का आधार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक कृषि और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं के धरातलीय परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखने लगे हैं। इसी कड़ी में जनपद चम्पावत के विकासखण्ड बाराकोट अंतर्गत ग्राम च्यूरानी निवासी युवा विनोद सिंह ने पारंपरिक नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपनी पैतृक भूमि पर आधुनिक व वैज्ञानिक खेती को अपनाकर आत्मनिर्भरता की एक अनुकरणीय मिसाल कायम की है।परास्नातक (M.A.) एवं आपदा प्रबंधन में डिप्लोमा धारक विनोद सिंह ने उद्यान विभाग के प्राविधिक सहयोग एवं विभागीय योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपनी 40 नाली कृषि भूमि पर संरक्षित एवं खुले वातावरण की एकीकृत खेती शुरू की है। उन्होंने अपने प्रक्षेत्र में एक अत्याधुनिक पॉलीहाउस की स्थापना के साथ-साथ जल संचयन हेतु सिंचाई टैंक तथा शुद्ध जैविक पोषण के लिए वर्मीकम्पोस्ट इकाई का निर्माण किया है। पॉलीहाउस के माध्यम से प्रतिकूल मौसम में भी बेमौसमी सब्जियों की पौध एवं फसलें तैयार की जा रही हैं, जबकि खुले खेतों व ढलानों पर बंद गोभी, फूल गोभी, मूली, फ्रासबीन, कद्दू, लौकी और ककड़ी जैसी सब्जियों का सघन उत्पादन लिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने आम, अमरूद और अनार का एक सुंदर फलोद्यान भी विकसित किया है।
वर्ष 2025-26 के दौरान विनोद सिंह ने अपने सुनियोजित कृषि प्रबंधन के बल पर 12 क्विंटल बंद गोभी, 10 क्विंटल शिमला मिर्च, 10 क्विंटल आम, 10 क्विंटल अमरूद, 7 क्विंटल मूली सहित कुल मिलाकर क्विंटल के हिसाब से बंपर पैदावार प्राप्त की है।रासायनिक खादों से पूरी दूरी बनाकर स्वयं उत्पादित वर्मीकम्पोस्ट खाद के प्रयोग से उन्होंने उत्पादन लागत में कमी लाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखा है। आज उनका यह मॉडल कृषि प्रक्षेत्र आसपास के ग्रामीण काश्तकारों और युवाओं के लिए एक 'जीवंत पाठशाला' बन चुका है, जहाँ स्थानीय किसान पॉलीहाउस प्रबंधन, जल संचयन एवं जैविक बागवानी के व्यावहारिक गुर सीखने आ रहे हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच के अनुरूप पर्वतीय कृषि को व्यावसायिक, समृद्ध और रोजगारपरक बनाने की दिशा में विनोद सिंह का यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक है। राज्य सरकार द्वारा कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में दिए जा रहे प्रोत्साहन और आधुनिक तकनीकों के बल पर आज प्रदेश का युवा वर्ग अपनी माटी से जुड़कर न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहा है।
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