चम्पावत:सीएम की घोषणा के बाद भी सील गांव नहीं पहुंची सड़क ग्रामीणों ने 5 किलोमीटर डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाया जच्चा बच्चा को
Laxman Singh Bisht
Sep 03, 2023 03:32 pm
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03 Sep 2023
सीएम की घोषणा के बाद भी सील गांव नहीं पहुंची सड़क ग्रामीणों ने 5 किलोमीटर डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाया जच्चा बच्चा को सरकार व प्रशासन को शर्मसार करती हुई तस्वीरें
जहां देश आजादी की 76वीं वर्षगांठ मना रहा है वही चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक का दूरस्थ सील गांव मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी सड़क सुविधा से वंचित है ग्रामीण आज भी सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है रविवार को ग्रामीणों के द्वारा गांव से जच्चा बच्चा को लोहाघाट अस्पताल लाने के लिए डोली के सहारे 5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई व उबर खाबर रास्ते को पार कर मुख्य सड़क तक लाया गया
जिसमे 15 साल के किशोर से लेकर 70 साल तक बुजुर्ग शामिल रहे क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश सिंह ने बताया गांव में ना तो सड़क सुविधा है ना ही चिकित्सा जिस कारण शनिवार रात ढाई बजे गांव की गर्भवती महिला मनीषा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव में ही आशा कार्यकत्रि निर्मला व महिलाओं के द्वारा डिलीवरी करवाई गई रविवार को जच्चा बच्चा को लोहाघाट अस्पताल लाने के लिए ग्रामीणों के द्वारा डोली के सहारे 5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पर कर पातल मुख्य सड़क तक लाया गया जहां से वाहन के जरिए उन्हें लोहाघाट अस्पताल ले जाया गया
रमेश सिंह ने बताया पूर्व मे मुख्यमंत्री धामी के द्वारा सुतेरा से लेकर सील गांव तक सड़क निर्माण की घोषणा करी गई थी पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है ग्रामीण आज भी सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा अधिकारियों के कार्यालयो के धक्के खा रहे हैं उन्होंने बताया गांव में सड़क न होने से ग्रामीणों को कई दिक्कते उठानी पड़ती है छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते स्कूल जाना पड़ता है तो वही मरीजों को अस्पताल लाने के लिए डोली का सहारा बचा हुआ है
कई मरीज समय से इलाज न मिलने के कारण रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं रमेश सिंह ने कहा ग्रामीण बरसों से सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है उन्होंने कहा गांव में सुविधाओं का अभाव होने के कारण गांव से बड़ी संख्या में पलायन हो चुका है अब तो मरीजो व गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे अस्पताल लाने के लिए आदमी तक जुटाना मुश्किल हो रहा हैं वही रमेश सिंह सहित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व चम्पावत प्रशासन से गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग करी है ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से अपने वादे को निभाने की गुहार लगाई है
कुल मिलाकर तस्वीर सरकार व प्रशासन को शर्मसार करने वाली है सरकार और प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सील गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना चाहिए तभी मुख्यमंत्री का आदर्श जिला चंपावत बनाने का सपना पूरा हो सकेगा जहां एक और देश चांद पर कदम रख चुका है वहीं दूसरी ओर ग्रामीण आज भी सड़क के लिए संघर्ष करते हुए नजर आ रहे हैं पर सुनने वाला कोई नहीं
जहां देश आजादी की 76वीं वर्षगांठ मना रहा है वही चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक का दूरस्थ सील गांव मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी सड़क सुविधा से वंचित है ग्रामीण आज भी सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है रविवार को ग्रामीणों के द्वारा गांव से जच्चा बच्चा को लोहाघाट अस्पताल लाने के लिए डोली के सहारे 5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई व उबर खाबर रास्ते को पार कर मुख्य सड़क तक लाया गया
जिसमे 15 साल के किशोर से लेकर 70 साल तक बुजुर्ग शामिल रहे क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश सिंह ने बताया गांव में ना तो सड़क सुविधा है ना ही चिकित्सा जिस कारण शनिवार रात ढाई बजे गांव की गर्भवती महिला मनीषा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव में ही आशा कार्यकत्रि निर्मला व महिलाओं के द्वारा डिलीवरी करवाई गई रविवार को जच्चा बच्चा को लोहाघाट अस्पताल लाने के लिए ग्रामीणों के द्वारा डोली के सहारे 5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पर कर पातल मुख्य सड़क तक लाया गया जहां से वाहन के जरिए उन्हें लोहाघाट अस्पताल ले जाया गया
रमेश सिंह ने बताया पूर्व मे मुख्यमंत्री धामी के द्वारा सुतेरा से लेकर सील गांव तक सड़क निर्माण की घोषणा करी गई थी पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है ग्रामीण आज भी सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा अधिकारियों के कार्यालयो के धक्के खा रहे हैं उन्होंने बताया गांव में सड़क न होने से ग्रामीणों को कई दिक्कते उठानी पड़ती है छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते स्कूल जाना पड़ता है तो वही मरीजों को अस्पताल लाने के लिए डोली का सहारा बचा हुआ है
कई मरीज समय से इलाज न मिलने के कारण रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं रमेश सिंह ने कहा ग्रामीण बरसों से सड़क के लिए संघर्ष कर रहे हैं पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है उन्होंने कहा गांव में सुविधाओं का अभाव होने के कारण गांव से बड़ी संख्या में पलायन हो चुका है अब तो मरीजो व गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे अस्पताल लाने के लिए आदमी तक जुटाना मुश्किल हो रहा हैं वही रमेश सिंह सहित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व चम्पावत प्रशासन से गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग करी है ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से अपने वादे को निभाने की गुहार लगाई है
कुल मिलाकर तस्वीर सरकार व प्रशासन को शर्मसार करने वाली है सरकार और प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सील गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना चाहिए तभी मुख्यमंत्री का आदर्श जिला चंपावत बनाने का सपना पूरा हो सकेगा जहां एक और देश चांद पर कदम रख चुका है वहीं दूसरी ओर ग्रामीण आज भी सड़क के लिए संघर्ष करते हुए नजर आ रहे हैं पर सुनने वाला कोई नहीं
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